October 4, 2022

जीतू पटवारी का बजट और सरकार पर निशाना, इस्तीफे की माँग

आज की गयी प्रेस वार्ता में जीतू पटवारी ने सरकार पर कई सरे सवाल खड़े किये। उन्होंने तजा प्रकरण पर पूछा, आज अगर गाड़ी नहीं पलटती तो क्या कई लोगों की कुर्सियां पलट जातीं ? उ.प्र. सरकार पलट जाती ? उसने मध्यप्रदेश में जिस सुचारू तरीके से छुपने की योजना बनाई, क्या उसके पीछे भी कोई राज थे ? सब बातें उसकी मौत के साथ दफन हो गयी हैं। इस सबके पीछे असली राज क्या है ? अपराधियों के लिए मध्यप्रदेश शरणस्थली बन गया है।

पटवारी ने आगे बात करते हुए किसानों और बजट की ओर ध्यान खींचा। किसानों की पिछली हत्याओं को लेकर भी कई सवाल खड़े किये और कहा, वो सरकार दोबारा वापस आयी है जिसमें किसानों को गोली मारी गयी। जिनकी व्यवस्था लचर रही। वही सरकार फिर से आई है। मैं जानता हूँ, यह सारा घटना क्रम जनता देख रही है।

पटवारी ने कहा, जिस तरह से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने बयान दिया कि नॉर्मल सिक्योरिटी के एक गार्ड ने उसे जाकर पकड़ा, क्या यह सही था ? अगर वह खुद से पुलिस के पास सरेंडर करने गया तो सरकार अपनी वाहवाही लूटने में क्यों लग गयी ? उन्होंने क्यों कहा कि इसे हमारी पुलिस ने पकड़ा है ? विकास दुबे का अपराध जघन्य था। एक रोज उसे मरना ही था।

बजट पर सवाल

मध्यप्रदेश सदन में 10 दिन बाद बजट आने वाला है। वित्तमंत्री नहीं हैं। कौन बजट बना रहा है ? कैसे बजट बन रहा है ? मध्यप्रदेश के आर्थिक आय व्यय को हम सालभर कैसे आगे बढाएंगे ? मुख्यमंत्री मौन हैं। 10 दिन में जो बजट आएगा उसका दारोमदार प्रतिनिधि पर नहीं है। जनता पर नहीं है। सिर्फ अधिकारियों पर है। मैं मानता हूँ, ये मध्यप्रदेश के साथ घोर अन्याय है। पिछले चार महीने से शिवराज सिंह चौहान एक कमजोर मुख्यमंत्री साबित हुए हैं।

मुख्यमंत्री मौन हैं

शिवराज अगर अभी इस्तीफा देते हैं तो उससे उनकी इज्जत बचेगी अन्यथा चुनाव के बाद उनको जाना ही है।स्तीफे की मांग करते हुए पटवारी ने कहा जो खुद अपना मंत्रिमंडल नहीं बना सके, अपने विभाग का बंटवारा नहीं कर सके, जिसके लिए उन्हें गृहमंत्री के पास जाना पड़े ऐसे मुख्यमंत्री कैसे सरकार चला सकते हैं ?

आप आपके विभागों का बंटवारा, अतिथि विद्वानों को नियमितीकरण का आमंत्रण, प्रदेश कानून व्यवस्था सही करिये, अधिकारी राज पर लगाम लगाइये अन्यथा स्तीफा दीजिये।
आने वाले उपचुनावों को लेकर भी पटवारी ने बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की 24 सीटों के मतदाताओं ने निर्णय ले लिया है कि कमलनाथ को लाना है शिवराज को भगाना है।
शिवराज अगर अभी इस्तीफा देते हैं तो उससे उनकी इज्जत बचेगी अन्यथा चुनाव के बाद उनको जाना ही है।