October 5, 2022

कोरोना संक्रमण के चलते मप्र विधानसभा के बजट सत्र के बाद अब मानसून सत्र पर भी संकट के बादल छाए

कोरोना संक्रमण के दौरान मप्र विधानसभा के बजट सत्र के बाद अब मानसून सत्र पर भी संकट के बादल छाए हैं। इसे लेकर विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें सत्र को बुलाए जाने या स्थगित करने पर फैसला होगा। कोरोना महामारी के कारण बजट सत्र को कमल नाथ सरकार के समय तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने दस दिन के लिए स्थगित किया था, लेकिन इस बीच कमल नाथ सरकार ही चली गई।

भाजपा की शिवराज सरकार ने सत्ता संभाली और बहुमत सिद्घ करने के लिए एक दिन में कुछ घंटे ही सदन की कार्रवाई चली। इसके बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। अब लेखानुदान अध्यादेश के 31 जुलाई के पहले विधानसभा से पारित कराने की संवैधानिक बाध्यता के कारण शिवराज सरकार ने पांच दिन का मानसून सत्र बुलाया है। हालांकि कोरोना की वजह से ज्यादातर लोग सत्र बुलाने के पक्ष में नहीं हैं।

इसकी वजह यह भी बताई जा रही है कि राज्यसभा चुनाव में भी सीमित संख्या में प्रवेश के बाद भी दो विधायक कोरोना संक्रमित पाए गए थे। अगर सत्र बुलाया गया तो 205 विधायकों के साथ उनके एक निजी सहायक, एक सुरक्षाकर्मी, विधानसभा सचिवालय के स्टाफ सहित सरकार के वरिष्ठतम अधिकारी भी विधानसभा में मौजूद रहेंगे, जिन्हें संक्रमण का खतरा रहेगा।

विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सत्र बुलाए जाने या नहीं बुलाए जाने पर चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कांग्रेस विधायक दल के नेता कमल नाथ, संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस विधायक दल के सचेतक डॉ. गोविंद सिंह को बुलाया गया है।