October 4, 2022

मध्य प्रदेश में कोरोना हुआ बेकाबू 874 पॉजिटिव नए मिले, 12 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश सरकार में मौजूद तमाम विशेषज्ञ अपनी पूरी क्षमताओं का उपयोग कर चुके हैं परंतु कोरोनावायरस का संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा। आज की सरकारी रिपोर्ट में 874 नागरिक कोविड-19 पॉजिटिव बताए गए हैं। मध्यप्रदेश में यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 12 मरीजों की मौत के साथ आज का पॉजिटिविटी रेट 6.4 प्रतिशत (प्रत्येक 100 में से 6.4 पॉजिटिव) हो गया। जो मध्य प्रदेश के सामान्य 2% से 3 गुना से ज्यादा है। 

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 26 जुलाई 2020 (शाम 6:00 बजे तक) के अनुसार पिछले 24 घंटे में:- 
  • 13752 सैंपल की जांच की गई। 
  • 168 सैंपल रिजेक्ट हो गए। 
  • 12878 सैंपल नेगेटिव पाए गए। 
  • 874 सैंपल पॉजिटिव पाए गए। 
  • 12 मरीजों की मौत हो गई। 
  • 644 मरीज डिस्चार्ज किए गए। 
  • मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की कुल संख्या 27800
  • मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 811
  • मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से स्वस्थ हुए नागरिकों की संख्या 19132
  • 26 जुलाई 2020 को संक्रमित नागरिकों की संख्या 7857
  • 26 जुलाई 2020 को मध्यप्रदेश में संक्रमित इलाकों की संख्या 2994 
3,330 COVID patients missing: Govt to make IDs compulsory for ...
फ़ाइल फ़ोटो

सरकारी रिपोर्ट कहती है कि हालत बेहद चिंताजनक है। मध्य प्रदेश के चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों के पास जितना भी ज्ञान और अनुभव था उसका उपयोग हो चुका है। मरीजों की मौत के मामले में पिछले कुछ दिनों से भोपाल में वही हो रहा है जो पहले इंदौर में होता था। हर रोज लगभग 4 मरीजों की मौत सरकारी रिपोर्ट में दिखाई दे रही है। 

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर मध्य प्रदेश के 4 सबसे ज्यादा संक्रमित इलाके हैं। इनके अलावा मुरैना और उज्जैन गंभीर रूप से महामारी की चपेट में है। इसका तात्पर्य यह हुआ कि जिन शहरों में बाहरी लोगों की आवाजाही ज्यादा है वहां संक्रमण भी ज्यादा है। 

शहरों को लॉक डाउन करने से ज्यादा जरूरी है, जिलों की सीमाएं सील कर दी जाए। सीमाओं पर पहरा जितना बढ़ाया जाएगा, कोरोनावायरस शायद उतना ही नियंत्रित होता चला जाए।