October 4, 2022

ग्राहकों की सिबिल खराब नहीं होगी, लोन की ईएमआई भी करवा सकेंगे कम

कोरोना काल में भोपाल के तकरीबन 70 फीसद तक होम लोन समेत अन्य लोन मोरटोरियम योजना में शामिल हुए थे। इस योजना में ग्राहकों को अगस्त माह तक की ईएमआई से राहत दी गई है, लेकिन अब मोरटोरियम को नहीं बढ़ाया गया है। इसके चलते सितंबर से ग्राहकों को लोन की राशि चुकाना पड़ेगी। हालांकि, ग्राहक कर्ज की अवधि बढ़ाकर ईएमआई कम करा सकेंगे। इससे उन्हें किश्त तो नियमित रूप से चुकानी पड़ेगी, पर राशि कम हो जाएगी। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति बैठक में लिए गए निर्णयों पर शुक्रवार को स्थानीय बैंक अधिकारी व जानकार मंथन करते रहे। बैंक अधिकारी सर्कुलर आने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रहे हैं।

भोपाल के लीड बैंक मैनेजर शैलेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में निर्णय लिए गए हैं। इनका अध्ययन कर रहे हैं। साथ ही बैंकें भी सर्कुलर निकालेंगी। इधर, जानकार आम आदमी को दी गई दो बड़ी राहतों को बेहतर बता रहे हैं। उनका कहना है कि ग्राहकों को कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। ऐसे में ईएमआई भी घट जाएगी। वहीं यदि घर में सोना रखा है तो उस पर अधिक कर्ज प्राप्त किया जा सकेगा।

ग्राहकों की सिबिल खराब नहीं होगी, कर्ज चुकाने में राहत मिलेगी

बैंकों के लोन से जुड़ी बातों के जानकार सुनीलसिंह का कहना है कि करीब 70 फीसद तक ग्राहकों ने अपने लोन को मोरटोरियम योजना में शामिल कर लिया था। बैंकों के माध्यम से सरकार ने कोरोना काल में ग्राहकों को राहत दी थी, लेकिन सितंबर से किश्त चुकाना पड़ेगी। राहत यह है कि कर्ज की समयावधि बढ़ाकर ईएमआई कम की जा सकेगी। बैंकें रिस्ट्रक्चर अपने स्तर पर ही कर सकेंगी। इससे ग्राहक की सिबिल खराब नहीं होगी। सोने के मूल्य का अनुपात बढ़ने से अधिक कर्ज मिल सकेगा।