October 4, 2022

कांग्रेस ने पांच सदस्यीय टीम का गठन किया, दिग्विजय सिंह को शामिल कर कद बढ़ाया

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  • दिग्विजय को मिला सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने का फायदा, 2 साल बाद पार्टी नेतृत्व ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद से मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का कद एक बार फिर से कांग्रेस हाई कमान में बढ़ने लगा है। कांग्रेस ने एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है जिसमें दिग्विजय सिंह को भी शामिल किया गया है। 2018 के बाद ये पहला मौका है जब दिग्विजय सिंह का कद फिर से बढ़ा है। 2018 के विधानसभा चुनाव में एमपी में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने दिग्विजय सिंह को साइड लाइन किए जाने की खबरें आ रहीं थीं।

दिग्विजय सिंह के फिर से राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद उनका कद बढ़ा है। हाईकमान ने दिग्विजय सिंह को मोदी सरकार द्वारा अध्यादेशों से कानून बनाने की कार्रवाई की निगरानी के लिए बनी पांच सदस्यीय समिति में भी शामिल कर लिया है। इसे उनके कांग्रेस की केंद्रीय राजनीति में कद बढ़ने से जोड़कर देखा जा रहा है।

निगरानी के लिए बनाई कमेटी

कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार की निगरानी के लिए एक कमेटी बनाई है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को शामिल किया है। दिग्विजय सिंह के अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश, पी. चिदंबरम, डॉ. अमर सिंह व गौरव गोगोई इस टीम में शामिल हैं। दिग्विजय सिंह 2018 के पहले कांग्रेस कमेटी के सबसे ताकतवर महासचिवों में गिने जाते थे लेकिन मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बढ़ते कद के सामने दिग्विजय सिंह को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। सिंधिया और गांधी परिवार की नदजदीकियों के कारण भी दिग्विजय सिंह को केन्द्र में मौका नहीं मिल रहा था।

कमलनाथ भी एमपी में एक्टिव

कमलनाथ भी अब मध्यप्रदेश में संक्रिय हैं, जिसका फायदा दिग्विजय सिंह को मिला है।

सिंधिया की बगावत के बाद गिरी थी कांग्रेस सरकार

बता दें कि मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल आ गए थे। उसके बाद सिंधिया समर्थक 18 विधायकों समेत 22 विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था जिस कारण मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी और भाजपा सत्ता में वापस आ गई थी।