October 2, 2022

भोपाल, होशंगाबाद, जबलपुर, उज्जैन, सागर, इंदौर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र गुरुवार को छत्तीसगढ़ के नजदीक पहुंच गया है। मानसून द्रोणिका (ट्रफ) जबलपुर से होकर गुजर रही है। इन दो सिस्टम के कारण राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों पर भारी बरसात होने के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले 48 घंटे के दौरान भोपाल, होशंगाबाद, जबलपुर, उज्जैन, सागर, इंदौर संभाग में कहीं-कहीं अतिवृष्टि भी हो सकती है। उधर गुरुवार को राजधानी में शाम ढलते ही झमाझम बरसात हुई। छह घंटे में 4.8 सेमी. बारिश हुई। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने के कारण राजधानी सहित पूरे प्रदेश में झमाझम बरसात होने के आसार बन रहे हैं। शुक्ला के मुताबिक शुक्रवार को जबलपुर,भोपाल,होशंगाबाद में अच्छी बरसात होने की संभावना है। शनिवार को सागर,उज्जैन,इंदौर में भी बारिश होगी। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बरसात भी हो सकती है।

ग्वालियर शहर में गुरुवार को रिमझिम बारिश हुई, लेकिन यह सिस्टम पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम की ओर आगे बढ़ेगा, वैसे ही ग्वालियर शहर में 21 व 22 अगस्त को मध्यम बारिश कराएगा। इससे गुना व शिवपुरी में भारी बारिश के आसार रहेंगे। इसके अलावा 24 से 25 अगस्त के बाद बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम विकसित हो जाएगा। इस सिस्टम से भी ग्वालियर में बारिश के आसार हैं।

जून व जुलाई में बंगाली खाड़ी में मानसून सुस्त पड़ गया था, जिसकी वजह से औसत बारिश नहीं हो सकी थी। अगस्त में बंगाल की खाड़ी सक्रिय हुई। 1 से 14 अगस्त के बीच जो सिस्टम बने, वह आधे रास्ते में ही कमजोर हो गए, जिससे खंड वर्षा जारी रही। 19 अगस्त को जो सिस्टम विकसित हुआ, वह झारखंड के पास आते-आते अति निम्नदाब के क्षेत्र में बदल गया है। इस सिस्टम का असर पूर्वी पश्चिम मध्य प्रदेश में अधिक है, लेकिन ग्वालियर संभाग के गुना, शिवपुरी में इस सिस्टम से भारी बारिश होगी। ग्वालियर शहर में मध्यम से तेज बारिश होगी। क्योंकि यह सिस्टम ग्वालियर नीचे से होते हुए गुजर रहा है। शहर में 50 मिमी तक पानी बरस सकता है।