October 4, 2022

बीजेपी सदस्यता अभियान में भीड़ से कोरोना नहीं गणेश पांडाल से कोरोना

  • कोरोना महामारी के बीच बीजेपी की राजनीतिक सभाओं को अनुमति और धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने को लेकर विवाद की स्थिति बनने लगी है।
  • इंदौर और भोपाल में सरकार की इस नीति का विरोध हो रहा है।

कोरोना महामारी के चलते सभी जगह लॉक डाउन रहा । इससे सारे व्यापार व्यवसाय ठप्प रहे ।त्योहार का सीजन शुरू होते मूर्तिकला से जुड़े लोगों के चेहरे पर चमक आई थी की मूर्ति बेच कर स्थिति सुधार लेंगे। लेकिन सरकार ने यह कह कर सार्वजनिक आयोजनों पर रोक लगा दी की भीड़ से संक्रमण फैलेगा। वहीं ग्वालियर में तीन दिवसीय सदस्यता अभियान चला कर भीड़ इकट्ठा कर रही है। इससे कोरोना नहीं फैलेगा ?

भाजपा दावा करती है कि वो एक हिंदूवादी पार्टी है लेकिन यही भाजपा सरकार हिंदू विरोधी फ़ैसले ले रही है। अगर गणेश उत्सव और दुर्गापूजा की अनुमति नहीं मिली तो मैं और मेरे हज़ारों साथ ही भाजपा छोड़ देंगे। यह चेतावनी संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्र शेखर तिवारी ने दी है। वे इस बात से खासे नाराज़ है कि कोरोना में 1 तरफ़ त्योहार मनाने से मना किया जा रहा है। दूसरी तरफ़ राजनीतिक सभाएँ हो रही हैं। इसी तरह कई मूर्तिकार भी नाराज़ हैं क्योंकि मूर्तिकारों ने पैसा उधार लेकर मूर्तियां बनायी है। लेकिन सरकार के इस फ़ैसले से उनकी मूर्तियां बिक नहीं पा रही है। ऐसे में मूर्तिकार और संस्कृति बचाओ मंच के लोग CM के निवास पर एक बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

मूर्तिकार अपनी बची हुई मूर्तियाँ लेकर मुख्यमंत्री निवास पर जाएँगे प्रदर्शन करेंगे। उधर मंच का यह बड़ा आरोप है कि पुलिस मोहल्ले में जाकर बच्चों और पालकों को धमका रही है। गणेशोत्सव नहीं मनाएँ।

मूर्तिकार देव प्रजापति ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का यह दोगलापन है कि वे एक तरफ़ मूर्ति बनाने के लिए कहते हैं दूसरी तरफ़ उत्सव मनाने पर पाबंदी लगा देते हैं। ऐसे में हमारे साथ हज़ारों मूर्तिकार भुखमरी की कगार पर हैं। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा पूरे सावन महीने में हिंदुओं को शिव मंदिर में जानू में की अनुमति नहीं दी गई। उसके बाद जन्माष्टमी बोला की भी मनाने नहीं दी गई अब गणेश उत्सव पर भी सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। हम सरकार किस तानाशाही का विरोध करेंगे तिवारी ने बताया कि वे शहर की ढाई सौ गणेशोत्सव और दुर्गोत्सव समिति से बात कर रहे हैं।