October 5, 2022

मध्यप्रदेश में संक्रमितों का आँकड़ा 55000 के पार, पॉजिटिविटी रेट 6% से अधिक

मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस के संक्रमण के मामले में अजीब सी स्थिति बन गई है। संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार पूरी तरह लापरवाह नजर आती है। अजीब बात यह है कि आम जनता भी इस खतरे के प्रति बेपरवाह दिखाई देने लगी है। नतीजा मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की संख्या आज 55000 से ज्यादा हो गई। मात्र 24 घंटे में आज तक के सर्वाधिक 1374 पॉजिटिव पाए गए हैं। पॉजिटिविटी रेट 6% से अधिक हो गया। 1 दिन में 19 लोगों की मौत हुई। और मध्य प्रदेश के संक्रमित इलाकों की संख्या 4500 से अधिक हो गई। यानी सरकारी रिपोर्ट के हर कॉलम में कोरोनावायरस रिकॉर्ड तोड़ता नजर आया। 

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 25 अगस्त 2020 (शाम 6:00 बजे तक) के अनुसार पिछले 24 घंटे में:- 

  • 22485 सैंपल की जांच की गई।
  • 212 सैंपल रिजेक्ट हो गए।
  • 21475 सैंपल नेगेटिव पाए गए।
  • 1379 सैंपल पॉजिटिव पाए गए।
  • 19 मरीजों की मौत हो गई।
  • 1074 मरीज डिस्चार्ज किए गए।
  • मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की कुल संख्या 55695 
  • मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 1263 
  • मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से स्वस्थ हुए नागरिकों की संख्या 42247 
  • 25 अगस्त 2020 को संक्रमित नागरिकों की संख्या 12185
  • 25 अगस्त 2020 को मध्यप्रदेश में संक्रमित इलाकों की संख्या 4505 

जनता को सरकार पर भरोसा नहीं, संक्रमण कम घोटाला ज्यादा है 

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कोरोनावायरस संक्रमण के मामले में मध्यप्रदेश में अब आम जनता को सरकार पर भरोसा नहीं रहा। लोगों को लगता है कि सरकारी रिपोर्ट में जो आंकड़े दिखाई जाते हैं उसमें असली मरीज कम और घोटाले वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती है। लोग खुलेआम बाजार में घूम रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद ऐसे कार्यक्रमों को संबोधित कर रहे हैं जहां पर सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क और सैनिटाइजेशन सहित कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए निर्धारित गाइडलाइन का खुला उल्लंघन हो रहा है। इसके कारण जनता को लगता है कि सरकारी आंकड़े झूठे हैं। यदि सचमुच इतना संक्रमण होता तो क्या मुख्यमंत्री सिर्फ भाजपा की सदस्यता दिलवाने के लिए हजारों लोगों की जान जोखिम में डालते हैं।