October 4, 2022

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कर्जमाफी की पैन ड्राइव लेकर मीडिया के सामने आए, कहा 26.50 लाख किसानों का कर्ज माफ किया

  • पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की, उनके साथ प्रदेश के हालात पर चर्चा हुई।
  • कमलनाथ ने कहा- यह कोई आम चुनाव नहीं है, मैं इसे उपचुनाव नहीं मानता, यह प्रदेश के भविष्य का चुनाव है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा दिया, जब वह सीएम शिवराज सिंह से मिलने के बाद हाथ में पैन ड्राइव लहराते हुए मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि कौन कहता है, हमारी सरकार ने किसानों का कर्ज माफ नहीं किया है। उनके लिए मेरे पास ये पैन ड्राइव है।

प्रदेश के 26 लाख से ज्यादा किसानों का हमने कर्ज माफ किया है, मेरे पास इसके प्रमाण हैं पैनड्राइव के रूप में। इसमें उन किसानों के नाम, पते, मोबाइल नंबर, अकाउंट नंबर और कितना कर्जा माफ हुआ है, उसकी राशि दर्ज है। मैं मीडिया को भी यह उपलब्ध करा रहा हूं, यह हमारे कर्जमाफी का प्रमाण है, यह भाजपा के झूठ की पोल खोल रहा है। जो कर्ज माफी को लेकर आरोप लगा रहे हैं, वे स्वयं कर्ज माफी के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं, इसके प्रमाण है।

मुख्यमंत्री चौहान से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि भाजपा झूठ की राजनीति करती है, हम विकास की राजनीति पर भरोसा करते हैं। कमलनाथ ने कहा कि क्या ये जनता को कह पाएंगे कि हमने सौदा कर लिया और इसलिए कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन ये बात यह नहीं कर सकते हैं। क्योंकि हमने सौदा नहीं किया है और सरकार से हटने का निर्णय लिया।

ये चुनाव मध्य प्रदेश के भविष्य का चुनाव है: कमलनाथ

कमलनाथ ने कहा कि यह कोई आम चुनाव नहीं है, मैं तो इसे उपचुनाव भी नहीं मानता, यह चुनाव तो मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है। भाजपा बताएं कि वह कौन सी 4 सीटें जीतने वाली है? हमारा मुकाबला भाजपा से है, उनकी कोई उपलब्धियां तो हैं ही नहीं, जिनसे हम मुकाबला करें।

मध्य प्रदेश की राजनीति को भाजपा ने बिकाऊ बनाया: कमलनाथ

भाजपा ने मध्यप्रदेश में कैसे संविधान और प्रजातंत्र के साथ खिलवाड़ किया है, यह सभी जानते हैं। मध्यप्रदेश में सौदेबाजी कर और बोली लगाकर जनता की चुनी हुई लोकप्रिय सरकार को गिराया गया है। जिस राज्य में राजनीति को भाजपा ने बिकाऊ बनाया है, वहां सब कुछ बिकाऊ है, यह भाजपा सरकार में ही संभव है। खरीद-फरोख्त की राजनीति से देश में प्रदेश कितना कलंकित हुआ है, यह सभी जानते हैं। मैं तो मध्यप्रदेश की पहचान बदलने में लगा था, भाजपा को यह सहन नहीं हुआ इसलिए मेरी सरकार गिराई।

उपचुनाव में किसानों के मुद्दे को केंद्र में लाना चाहते हैं कमलनाथ

दरअसल, आगामी उपचुनाव को लेकर ग्वालियर में तीन दिन तक भाजपा ने मेगा सदस्यता अभियान चलाया था। यहां कमलनाथ सरकार और कांग्रेस को जमकर कोसा। सिंधिया ने कहा था कि कमलनाथ की सरकार वल्लभ भवन से चल रही थी, उन्हें जमीन पर उतरकर देखने की फुरसत नहीं थी। भाजपा नेता लगातार इस बात को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना करते रहे कि उन्होंने किसानों से कर्ज माफी के नाम पर झूठ बोला।

इसी का जवाब देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बुधवार को पैन ड्राइव लेकर आए। उपचुनाव में किसानों के मुद्दे को केंद्र पर लाना चाहते हैं। इससे पहले कमलनाथ ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और उनसे प्रदेश के हालात पर चर्चा भी की।