October 4, 2022

प्रदेश में मानसून हुआ फिर सक्रिय, इंदौर में सुबह से ही बारिश का दौर जारी

  • 2018 में केवल 31 इंच ही पानी गिरा था, 2019 में औसत से कहीं अधिक 54 इंच बारिश हुई थी।
  • बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम का केंद्र रायसेन, विदिशा, राजगढ़, भोपाल और सीहोर में बना।

शुक्रवार से प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हाे गया, लेकिन इसका असर इंदौर में ज्यादा नहीं दिख रहा। भोपाल, विदिशा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। सीहोर में भी इसका अच्छा खासा असर रहेगा। इंदौर के खाते में हल्की-फुल्की बारिश है, जो सुबह से ही रुक-रुककर हो रही है। हालांकि अच्छी बात यह है कि सितंबर में भी अच्छी बारिश के आसार हैं।

आमतौर पर जून, जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश के बाद सितंबर में मानसून कमजोर हो जाता है। औसत सात दिन ही सितंबर में पानी गिरता है, लेकिन पिछले साल भी सितंबर 30 में से 20 दिन पानी गिरा था। जुलाई, अगस्त जैसा सक्रिय मानसून इस माह में भी बरसा था।

मौसम का आंकलन करने वाली प्राइवेट एजेंसी भी सितंबर को बारिश के लिहाज से अच्छा बता रही हैं। इंदौर सहित प्रदेशभर में औसत से अधिक बारिश होने के आसार जताए हैं। इंदौर में ही अब तक नेट 33 इंच बारिश हो गई है। सितंबर में भी मानसूून सक्रिय रहता है तो आंकड़ा 40 इंच तक जाने के आसार हैं।ऐसा हुआ तो लगातार दूसरे साल भी औसत से ज्यादा पानी गिरने का रिकार्ड बनेगा। 2018 में केवल 31 इंच ही पानी गिरा था।

इंदौर में क्यों तेज बारिश नहीं

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए सिस्टम का केंद्र इस बार रायसेन, विदिशा, राजगढ़, भोपाल और सीहोर बना हुआ है। ज्यादा मजबूत सिस्टम नहीं है। इसलिए व्यापक रूप से नहीं फैैला है। इंदौर में इसका असर तो रहेगा, लेकिन कुछ खास नहीं रहेगा। हल्की बारिश होगी। इस सिस्टम को अरब सागर से नमी मिलती तो यह इंदौर में भी अच्छा बरसता।