October 5, 2022

कोराेनाकाल में प्रशासन को खास लोगों की खास चिंता, चार इमली इलाके में आम लोगों की आवाजाही बंद

  • आम लोगों का रास्ता बंद होने से लगाना पड़ रहा 4 से 5 किमी तक का चक्कर
  • अफसर बोले- कोरोना के कारण ऐसा किया, पर हकीकत- यहां अब तक सिर्फ 30 केस
  • लोग बोले – आम रास्ता कैसे बंद किया क्या सिर्फ चार इमली में है कोरोना

कोराेनाकाल में लगता है प्रशासन को खास लोगों की खास चिंता है। शायद यही वजह है कि पिछले करीब ढाई महीने से चार इमली इलाके से आम लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। अफसरों और मंत्रियाें की रिहाइश वाले इस इलाके की 9 एंट्री में से 8 पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। केवल एक रास्ता खुला है, वह भी सिर्फ यहां के रहवासियों और कर्मचारियों के लिए। ऐसे में आम लोगों को 4 से 5 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।

एक तरह से इस पूरे क्षेत्र को ही कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। अब यहां आने जाने के लिए केवल एक रास्ता है। पांच नंबर चौराहे से ही एंट्री और एग्जिट पाॅइंट है। आमतौर पर सीबीआई ऑफिस के पास से होकर जाने वाले रास्ते से लाेग जेपी अस्पताल, पांच नंबर, शिवाजी नगर, अरेरा हिल्स, एमपी नगर आदि क्षेत्रों के लिए जाते हैं। गुरुवार को भी यहां लोग परेशान होते रहे।

पांच नंबर की ओर से चूना भट्‌टी जा रहे अमित सिंह ने बताया कि वे तीन अलग-अलग रास्तों से बाहर निकलने का प्रयास कर चुके हैं। अब वापस पांच नंबर जाएंगे और सात नंबर चौराहे से होते हुए चूना भट्टी जाएंगे। इस तरह से दिनभर में यहां सैकड़ों लाेग परेशान होते हैं। यहीं से दो एंबुलेंस भी बैरिकेड्स लगे होने की वजह से वापस लौटीं।

इन जगहों पर लगाए बैरिकेड्स

  • लिंक रोड नंबर तीन पर दो जगह।
  • मन्नीपुरम काॅलोनी के पास, यहां गेट भी बंद।
  • रविशंंकर नगर के अंदर की ओर से चार इमली जाने वाले रास्ते पर गेट बंद।
  • माशिमं के संभागीय कार्यालय के पास।
  • रविशंकर नगर मुख्य मार्ग पर।
  • नूतन कॉलेज चौराहे के पास।
  • श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर, लिंक रोड नंबर 2 पर
  • चार इमली के अंदर से बाहर जाने के लिए बिट्‌टन मार्केट रोड पर।

जिम्मेदारों का तर्क… एहतियात के तौर पर बंद किया एरिया

एसडीएम बनाते हैं कंटेनमेंटकलेक्टर

एसडीएम मामलों को देखते हुए क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन बनाते हैं। लॉकडाउन के दौरान सरकारी कार्यालय खुले। संक्रमित भी क्षेत्र में निकले थे। इसलिए एहतियात के तौर पर एरिया बंद किया गया है। ऐसा नहीं है कि विशेष कारण से रास्ते बंद हैं। – अविनाश लवानिया, कलेक्टर