October 4, 2022

महाराष्ट्र सरकार ने ऑक्सीजन की सप्लाई दूसरे राज्यों को करने से किया इंकार, मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने ऑक्सीजन की सप्लाई दूसरे राज्यों को करने से इंकार कर दिया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. प्रदीप व्यास ने आदेश जारी कर कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई केवल महाराष्ट्र में ही होगी। इस आदेश के बाद से मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि प्रदेश में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली आईनॉक्स कंपनी के प्लांट महाराष्ट्र में ही लगे हैं। वहीं से लगभग 15 जिलों में सीधे और दूसरे वेंडर के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई की जाती है। आपको बता दें कि इंदौर, भोपाल सहित लगभग 15 जिलों में आईनॉक्स कंपनी 130 मीट्रिक टन रोजाना ऑक्सीजन सप्लाई करती है।

उद्धव सरकार पर भड़के चिकित्सा शिक्षा मंत्री 

महाराष्ट्र सरकार द्वारा ऑक्सीजन की सप्लाई पर रोक लगाने के फैसले पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भड़क उठे हैं। उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे में ऐसा नहीं चलता है। संघीय ढांचे में राज्यों को परस्पर एक दूसरे का सहयोग करना होता है अगर राज्य ऐसा व्यवहार करेंगे तो काम कैसे चलेगा। कोरोना में ऑक्सीजन सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से इस विषय में चर्चा करेंगे।

सरकार ने कही थी कोर्ट जाने की बात

आपको बता दें कि मंगलवार को सीएम शिवराज की अध्यक्षता में वर्चुअल कैबिनेट बैठक हुई थी। जिसमें फैसला लिया गया था कि प्रदेश में ऑक्सीजन बेड की संख्या को बढ़ाकर 3700 किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश में ऑक्सीजन बेड की संख्या 11700 हो जाएगी। साथ ही सरकार ने ऑक्सीजन के इंतजाम के लिए विकल्प तलाशने के निर्देश भी दिए थे। मीटिंग में कहा गया कि महाराष्ट्र से ऑक्सीजन नहीं मिलने पर वहां की सरकार से बात की जाएगी। इतना ही नहीं सरकार ने कोर्ट जाने की भी बात कही थी।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस से संक्रमित गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ जिले में ऑक्सीजन की खपत 10 गुना तक बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण मरीज के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरने लगता है। कई मरीज ऐसी स्थिति में अस्पताल पहुंचते हैं जिनके रक्त में ऑक्सीजन का प्रतिशत 80 से भी कम रहता है। ज्यादातर को हाइफ्लो पर रखना पड़ता है। ऐसे मरीज जिनके रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा लगातार गिरती जाती है यदि ऑक्सीजन मिलने में दो मिनट का भी विलंब हो जाए तो स्थिति जानलेवा बन जाती है।