December 7, 2022

पत्रकारिता परीक्षा में बीजेपी का एजेंडा परोसा गया, परीक्षा में सर्जिकल स्ट्राइक और तीन तलाक पर पूछे गए प्रश्न

मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) की वार्षिक परीक्षाओं में पूछे गए सवालों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय के वार्षिक परीक्षा के लिए जारी प्रश्नपत्र में पूछे गए तमाम सवाल बीजेपी एजेंडे पर फिट बैठने वाले पूछे गए हैं जिनमें कांग्रेस की हार, सर्जिकल स्ट्राइक और तीन तलाक जैसे मुद्दे शामिल हैं। मामले पर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर शैक्षणिक संस्थाओं का भगवाकरण करने का आरोप लगाया है व पर्चा रद्द करने की मांग की है।

दरअसल, विश्वविद्यालय के मास्टर ऑफ जर्नलिज्म (एमजे) फाइनल ईयर की परीक्षा में ‘एनालिसिस ऑफ वेरियस नेशनल एंड इंटरनेशनल इशू’ विषय के सवालों में छात्रों को बीजेपी समर्थित मुद्दों को लेकर व्याख्या करने को कहा गया है। पर्चे का पहला सवाल यह है कि राष्ट्रवाद बनाम विकास का मुद्दा लोकतंत्र की मजबूती के लिए कितना कारगर है? अथवा विकास और सशक्त छवि के लिए राष्ट्र का सुरक्षित होना जरूरी है- सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में इसका विश्लेषण कीजिए।

इसी तरह दूसरा सवाल है कि हाफिज सईद को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने में भारत की कूटनीति की सफलता का विश्लेषण कीजिए। वहीं तीसरे सवाल में पूछा गया है कि 2019 के आम चुनाव में बीजेपी की जीत क्या मोदी सरकार पर आम आदमी के भरोसे की मुहर है समझाइए। इसके अलावे पांचवें सवाल में पूछा गया है कि कांग्रेस को 2014 और 2019 के आमचुनाव में आशातीत विजय नहीं मिलने के कौन-कौन से तीन कारण हो सकते हैं?

यह प्रश्नपत्र परीक्षाओं की ओपन बुक प्रणाली के तहत पूछे गए हैं जिसे डीएवीवी की वेबसाइट पर 14 सितंबर को अपलोड किया गया है। इस विषय की उत्तर-पुस्तिकाएं 19 सितंबर तक जमा करानी हैं। कांग्रेस ने इस विवादास्पद पर्चे को रद्द कराने की मांग की है।

मामले पर मध्यप्रदेश युथ कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद जाट ने प्रदेश सरकार पर शैक्षणिक संस्थाओं के भगवाकरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘शिवराज सरकार लगातार शैक्षणिक संस्थाओं को बर्बाद करने पर तुली हुई है। खासकर पत्रकारिता पाठ्यक्रमों पर सरकार जानबूझकर अपना एजेंडा थोपती है ताकि इन संस्थाओं का कोई छात्र सवाल पूछने वाला पत्रकार न बनने पाए।’ कांग्रेस नेता ने मांग किया है कि इस पर्चे को तत्काल रद्द किया जाए।