October 5, 2022

राज्यसभा चैयरमैन वेंकैया नायडू ने कृषि बिल पर हंगामा करने वाले 8 सांसदों को एक हफ़्ते के लिए किया कार्यवाही से निलंबित

  • राज्यसभा चैयरमैन वेंकैया नायडू ने 8 सांसदों को किया कार्यवाही से निलंबित, उपसभापति के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव भी ख़ारिज।

मानसून सत्र के सातवें दिन रविवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा पारित दो विवादास्पद कृषि विधेयकों के खिलाफ जमकर हंगामा हुआ। सोमवार (21 सितंबर) को सदन की कार्यवाही शुरू हो ही बीजेपी के राज्यसभा सांसदों ने हंगामा करने वाले विपक्षी सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इस पर राज्यसभा चैयरमैन वेंकैया नायडू ने 8 सांसदों को एक सप्ताह के लिए कार्यवाही से निलंबित किया है। उपसभापति के विरुद्ध विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को भी ख़ारिज कर दिया गया है। 

विपक्ष राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। निलंबित सदस्यों के सदन से बाहर नहीं जाने के कारण राज्य सभा की कार्यवाही को तीन बार स्थगित किया गया। सभापति ने कहा कि ग़ैर सदस्यों की उपस्थिति में कार्यवाही नहीं हो सकती है।विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। 

इससे पहले राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने विपक्ष के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, संजय सिंह, राजू साटव, केके रागेश, रिपुण बोरा, डोला सेन, सैयद नजीर हुसैन और एलामारन करीम को निलंबित कर दिया। नायडू ने विपक्ष के हंगामे पर कहा कि रविवार का दिन राज्यसभा के लिए बुरा दिन था। कुछ सदस्य सदन के वेल में आए। कुछ सांसदों ने पेपर को फेंका। माइक तोड़ दिया। रूल बुक को फेंका गया। उपसभापति को काम करने से रोका गया। सांसद अपना आत्मनिरीक्षण करें।

सभापति नायडू ने कहा कि उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के खिलाफ लाया गया विपक्षी सांसदों का अविश्‍वास प्रस्‍ताव यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि यह नियमों के हिसाब से सही नहीं है। सभापति की इस कार्यवाही का सदन में विरोध हुआ। हंगामे के बाद राज्‍यसभा की कार्यवाही सुबह 10 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दी गई। 

राज्यसभा में रविवार को उस वक़्त हंगामा हो गया जब उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने ध्वनिमत से विवादास्पद कृषि विधेयकों को पारित कर दिया। इसके बाद टीएमसी सांसद ने उपसभापति को दिखाकर रूल बुक फाड़ दी थी। मामला बढ़ता देख मार्सलों ने सांसदों को वेल से बाहर किया।

कृषि बिल को लेकर विपक्ष उपसभापति के भूमिका पर सवाल खड़ा कर रही है और इसे संसद के लिए काला दिन बताते हुए संसद में लोकतंत्र की हत्या की बात कर रही है। वहीं सत्तापक्ष ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया है और विपक्ष पर अमर्यादित आचरण के साथ संसद की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

राज्यसभा में हुए हंगामे के बाद जहां विपक्ष की 12 पार्टियों ने उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है वहीं सभापति वैंकेया नायडू से केंद्रीय मंत्रियों ने हंगामा करने वालों को निलंबित करने की मांग की है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सोमवार को सदन में क्या घटनाएं होतीं हैं।