October 4, 2022

मध्यप्रदेश में उपचुनाव से पहले बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों के तबादले, प्रदेश में 90 एएसपी और डीएसपी लेवल के अफसरों के तबादले किए गए

  • छह महीने पहले बनी शिवराज सरकार ने पहली बार पुलिस विभाग में इतने बड़े पैमाने पर पुलिस अफसरों को इधर से उधर भेजा।
  • कांग्रेस का आरोप- मध्यप्रदेश में सौदे से बनी सरकार अपना अस्तित्व बचाने के लिए सरकार कलेक्टर-एसपी के सहारे चुनाव जीतना चाहती है।

मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनावों को लेकर शुक्रवार को घोषणा होने वाली थी, उसके ठीक पहले शिवराज सरकार ने प्रदेश में 90 एएसपी और डीएसपी लेवल के अफसरों के तबादले कर दिए। हालांकि, चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप चुनावों की तारीखों की घोषणा नहीं हुई, अब 5 दिन बाद 29 सितंबर को मध्य प्रदेश के उप चुनावों की तारीखें घोषित होंगी। चुनाव आयोग की बैठक इसी दिन होगी। छह महीने पहले बनी शिवराज सरकार ने पहली बार पुलिस विभाग में इतने बड़े पैमाने पर एएसपी, डीएसपी और एसडीओपी अफसरों को इधर से उधर भेजा है। 90 अफसरों में 19 एएसपी शामिल हैं। इन्हें इधर से उधर किया गया है।

सरकार कलेक्टर-एसपी के सहारे जीतना चाहती है चुनाव

मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश की सौदे से बनी सरकार अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कैसे-कैसे हथकंडे अपना रही है। इसका प्रमाण है सरकार की तबादला सूची। जैसे ही सरकार को यह पता चला कि चुनाव आयोग प्रेस ब्रीफिंग करने वाला है और किसी भी क्षण उपचुनाव घोषणा हो सकती है उसके ठीक 10 मिनट पहले लगभग पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं।

कांग्रेस प्रदेश की जनता को याद दिलाना चाहती है कि आज से कुछ दिन पूर्व सरकार की मंत्री इमरती देवी ने कहा था 8-10 सीटें तो हम कलेक्टर से ही जितवा लेंगे।आज आज इसी बदनीयत से भरी सरकार.द्वारा आचार संहिता लगने की आशंका में जो ट्रांसफर किए गए हैं वह इसी नीयत की तरफ इशारा करते हैं। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि यह सारे तबादले निरस्त किए जाएं। चुनाव आयोग के सम्मुख भी हम इसका रिप्रेजेंटेशन करेंगे। अगर अदालत में भी जाना पड़ा तो जाएंगे।