October 2, 2022

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा – ना प्रोत्साहन राशि, ना आराम और ना ही दवाई, फिर किस बात का सम्मान

एक तरफ तो सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के मिंटो हॉल में कोरोना वारियर्स का सम्मान किया। दूसरी तरफ कोरोना से निपटने में रात दिन काम कर रहे जूनियर डाक्टर्स की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर्स की मांग है कि कोरोना के इलाज में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाइयां मुफ्त में मुहैया कराया जाएं। कोरोना ड्यूटी के बाद सात दिन का रेस्ट दिया जाए। कोरोना उपचार में लगातार ड्यूटी की वजह से उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। उन्होंने अस्पतालों में डॉक्टर्स की संख्या बढ़ाने की मांग की है। प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर भी जूनियर डाक्टर्स ने नाराजगी जताई है।

वहीं मध्य प्रदेश जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने कोरोना वारियर्स सम्मान कार्यक्रम का बहिष्कार किया। अपनी मांगें नहीं पूरी होने से प्रदेश के जूनियर डाक्टर्स नाराज हैं। मध्य प्रदेश, जबलपुर और इंदौर एसोसिएशन ने एक पत्र जारी कर विरोध जताया है। पत्र में लिखा गया है कि जूनियर डॉक्टर कोरोना महामारी रोकने में पूरी क्षमता से लगे हैं। लेकिन फिर भी उनकी समस्याओं का कोई निराकरण नहीं हो रहा है। मांगे पूरी नहीं होने पर जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी बहिष्कार की धमकी दी है।

मुफ्त में मिले कोरोना की दवाएं

जूनियर डॉक्टर्स की मांग है कि कोरोना के इलाज में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाइयां मुफ्त में मुहैया कराया जाएं। कोरोना ड्यूटी के बाद सात दिन के रेस्ट दिया जाए। कोरोना उपचार में लगातार ड्यूटी की वजह से उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। उन्होंने अस्पतालों में डॉक्टर्स की संख्या बढ़ाने की मांग की है। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर भी जूनियर डाक्टर्स ने नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द उनकी मांगे सरकार ने नहीं मानी तो ओपीडी का बहिष्कार करेंगे। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या से कई बार अवगत कराया है। लेकिन फिर भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं। प्रदेश के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन में कोरोना वॉरियर्स सम्मान का बहिष्कार किया है।

मुख्यमंत्री ने कोरोना योद्धाओं की तारीफ की

कोरोना वारियर्स सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में जैसी सेवा डॉक्टरों ने की है वैसी किसी ने नहीं की है। ‘दूसरों की ज़िंदगी बचाते-बचाते कई डॉक्टर, पैरा मेडिकल के स्टाफ, पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। अपनी जान जोखिम में डालकर आप जो काम कर रहे हैं वो मानवता के प्रति आपका समर्पण प्रदर्शित करता है’

कई जिलों के डाक्टरों ने साझा किए अपने अनुभव

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कई जिलों के डॉक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। सागर के डाक्टर मनीष ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ‘टीम को मोटिवेट करना सबसे बड़ी चुनौती रही है। कोविड संक्रमण के कारण मरीज के परिजन साथ नहीं रह पाते हैं, ऐसे में वीडियो कॉलिंग से उनकी बात कराकर उनका हौसला बढ़ाया। वहीं’ इंदौर की जयश्री कुलकर्णी ने कहा कि ‘संक्रमित मरीजों में अस्पताल आने पर मौत का खौफ रहता था, सबसे पहले उन्होंने यह डर दूर कर अस्पताल में उन्हें पारिवारिक माहौल देने की कोशिश की।