March 5, 2024

गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी गिरफ़्तार, पुलिस ने दिखाई अभद्रता

  • कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जारी किया पीड़ित के पिता का वीडियो।
  • हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के घर किसी के भी जाने पर पूरी तरह से रोक।

उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस जा रहे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी का क़ाफ़िला रोक दिया गया है। पुलिस ने राहुल गांधी के साथ अभद्रता की और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है।

यमुना एक्सप्रेस वे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि अभी-अभी पुलिस ने मुझे धक्का दिया, मुझ पर लाठीचार्ज किया गया और मुझे जमीन पर फेंक दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या केवल मोदी जी इस देश में चल सकते हैं? एक सामान्य व्यक्ति नहीं चल सकता है? हमारे वाहन को रोक दिया गया, इसलिए हमने चलना शुरू किया।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है कि हाथरस जाने से हमें रोका। राहुल जी के साथ हम सब पैदल निकले तो बारबार हमें रोका गया, बर्बर ढंग से लाठियाँ चलाईं। कई कार्यकर्ता घायल हैं। मगर हमारा इरादा पक्का है। एक अहंकारी सरकार की लाठियाँ हमें रोक नहीं सकतीं। काश यही लाठियाँ, यही पुलिस हाथरस की दलित बेटी की रक्षा में खड़ी होती।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि दु:ख की घड़ी में अपनों को अकेला नहीं छोड़ा जाता। यूपी में जंगलराज का ये आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है। इतना मत डरो, मुख्यमंत्री महोदय!

यूपी पुलिस का निंदनीय व्यवहार: कमल नाथ 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा है कि हाथरस की घटना पूरे देश के माथे पर कलंक है। पूरे देश ने देखा कि किस प्रकार आधी रात में परिजनो को बताये बग़ैर पीड़िता का धार्मिक भावनाओं के विपरीत अंतिम संस्कार किया गया। किस प्रकार पीड़िता न्याय की उम्मीद से अस्पताल में जीवन- मृत्यु से संघर्ष करती रही और यूपी सरकार बेख़बर बनी रही। हाथरस की पीड़िता के परिजन से मिलने जा रहे राहुल गांधी व प्रियंका गांधी को यूपी की भाजपा सरकार के इशारे पर जिस तरह से पुलिस ने बलपूर्वक ज़बर्दस्ती रोका, उनके साथ धक्का मुक्की की गई, अभद्र व्यवहार किया गया,वो बेहद आपत्तिजनक व निंदनीय है।

हाथरस सील किया गया 

प्रशासन ने जिले में 31 अक्टूबर तक के लिए धारा 144 लगा दी है। हाथरस की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के घर किसी के भी जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई।

हाथरस जाते समय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की गाड़ियों को यूपी पुलिस ने युमना एक्सप्रेस वे पर रोक दिया तो दोनों नेता कार्यकर्ताओं के साथ पैदल ही हाथरस की ओर चल पड़े थे। एक्सप्रेस वे से हाथरस 142 किलोमीटर दूर है।

यूपी में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर प्रियंका गांधी लगातार याेगी सरकार पर हमले कर रही हैं। उन्होंने गुरुवार को ट्वीट किया कि हाथरस जैसी वीभत्स घटना बलरामपुर में भी घटी। लड़की का बलात्कार कर कमर और पैर तोड़ दिए गए। आजमगढ़, बागपत, बुलंदशहर में बच्चियों से दरिंदगी हुई। यूपी में फैले जंगलराज की हद नहीं। मार्केटिंग, भाषणों से कानून व्यवस्था नहीं चलती। ये मुख्यमंत्री की जवाबदेही का वक्त है। जनता को जवाब चाहिए। 

प्रियंका ने ट्वीट किया है कि हाथरस की बेटी के पिता का बयान सुनिए। उन्हें जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीसी के नाम पर बस दबाव डाला गया। वो जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। बात करने पर मना है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? अन्याय पर अन्याय हो रहा है।

पीड़ित परिवार से मिलने देने में आपत्ति क्यों: दिग्विजय सिंह 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की गाड़ियों को यूपी पुलिस द्वारा रोक दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा है कि यदि राहुल जी व प्रियंका जी पीड़ित परिवार से मिलने जाना चाहते हैं तो योगी जी की भाजपा सरकार को क्या आपत्ति है? यदि हाथरस के उस क्षेत्र में धारा 144 लगी है तो राहुल जी व प्रियंका जी के साथ उनकी सिक्योरिटी को प्रशासन ले जा कर पीड़ित परिवार से मिलवा दें।

हाथरस की घटना पूरे देश के माथे पर कलंक है। पूरे देश ने देखा कि किस प्रकार आधी रात में परिजनो को बताये बग़ैर पीड़िता का धार्मिक भावनाओं के विपरीत अंतिम संस्कार किया गया। किस प्रकार पीड़िता न्याय की उम्मीद से अस्पताल में जीवन- मृत्यु से संघर्ष करती रही और यूपी सरकार बेख़बर बनी रही

महिला आयोग ने मांगा जवाब 

राष्ट्रीय महिला आयोग ने परिवार की अनुपस्थिति में पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। हाथरस पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्रमें आयोग ने पूछा कहा है कि आधी रात को सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का अंतिम संस्कार क्यों किया गया।

About Author