September 26, 2023

भाजपा ने मध्यप्रदेश उपचुनाव के लिए सभी 28 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया

  • सांवेर से तुलसीराम सिलावट, अनूपपुर से बिसाहूलाल सिंह और पोहारी से सुरेश धाकड़ मैदान में।
  • उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने में भाजपा को भोपाल से लेकर दिल्ली तक मंथन करना पड़ा।

भाजपा ने मध्य प्रदेश उपचुनाव के लिए सभी 28 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। देर रात जारी इस सूची में कांग्रेस से भाजपा में आए सभी 25 उम्मीदवारों को टिकट मिला है। इससे पहले कांग्रेस भी 27 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार चुकी है। बसपा भी 18 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है।

हफ्ते भर चले मंथन के बाद फाइनल हो सकी लिस्ट

भाजपा को उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने में हफ्ते भर भोपाल से लेकर दिल्ली तक मंथन करना पड़ा। शनिवार को दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज की टीम ने तीन दिन तक भाजपा कार्यालय में बैठकर दावेदारों से चर्चा की। संघ और पार्टी स्तर पर किए गए सर्वे के आधार पर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर बात हुई। इसके बाद नाम फाइनल कर दिल्ली में चुनाव समिति की बैठक में रखे गए। शिवराज भी इस बैठक में शामिल हुए। रविवार को सीएम लौट आए, लेकिन इसके बाद भी सूची जारी होने में दो दिन लग गए।

एक-एक सीट पर जीत की संभावना तलाशी

पार्टी सूत्रों के अनुसार शिवराज पहले ही कह चुके हैं कि इन उपचुनावों में उन्हें 100% रिजल्ट चाहिए। ऐसे में एक-एक सीट उनके लिए अहम है। इसमें केवल उन्हीं उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने की बात कही गई, जो जीत के सबसे करीब नजर आए। यानी एक-एक सीट पर जीत और विरोध के कारणों पर विचार-विमर्श किया गया।

टिकट बंटवारे में सिंधिया की चली

प्रत्याशियों के नाम तय करने में ज्योतिरादित्य सिंधिया की भूमिका अहम रही। इसके लिए पहले पार्टी ने अपने स्तर और संघ की सर्वे रिपोर्ट का भी सहारा लिया। सर्वे में जो नाम आए, उन्हें टिकट दिया गया।

भाजपा प्रत्याशियों की लिस्ट

इसलिए हो रहे उपचुनाव

सिंधिया ने मार्च में अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ दी थी। कांग्रेस सरकार अल्पमत में आने पर 20 मार्च को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 23 मार्च को शिवराज ने सीएम पद की शपथ ली थी। इसके बाद कांग्रेस के तीन और विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। इन सभी ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इससे प्रदेश की 25 सीटें खाली हो गईं। वहीं, तीन विधायकों के निधन की वजह से आगर, ब्यावरा और जौरा सीटें खाली हुई हैं।

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