November 29, 2022

पोहरी विधानसभा के बीजेपी प्रत्याशी ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए स्वीकार किया कि वे बिके हुए हैं

मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनाव को लेकर जनसंपर्क के दौरान कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए पूर्व विधायकों के तरह-तरह के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसी क्रम में सिंधिया समर्थक मंत्री सुरेश धाकड़ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह कांग्रेस के आरोपों पर मुहर लगाते हुए स्वीकार कर रहे हैं कि वे बिके हुए हैं। 

दरअसल, पोहरी विधानसभा से पूर्व विधायक व बीजेपी प्रत्याशी सुरेश धाकड़ अपने क्षेत्र की जनता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मंच से ही कुछ ऐसा कह डाला कि लोग चौंक गए। धाकड़ ने मंच से कहा, ‘लोग मुझपर आरोप लगाते हैं कि मैं गद्दार हूं। मैं बिका जरूर पर आपकी खातिर बिका। मैं बिका तो लोकप्रिय नेता श्रीमंत सिंधिया के साथ गया। कांग्रेस के लोग आएंगे और डमरू बजाकर कहेंगे कि मैने आपको बेच दिया है।’

धाकड़ के इस वीडियो को साझा करते हुए कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने लिखा, ‘चलिये इन्होंने स्वीकार तो किया ये बिके थे पर जाते-जाते ये भी क्या कह गए। “सिन्धिया के खातिर बिका था” मतलब इनका सौदा सिन्धिया जी ने किया था।’

वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने धाकड़ पर चुटकी लेते हुए कहा कि, ‘बिकाऊ स्वीकार करने लगे हैं कि हां हम बिके हैं, थोड़े दिनों में राशि भी स्वीकारेंगे।

कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने इसे बेशर्मी की इंतेहा बताया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह बेशर्नी की इंतेहा है कि जनता का डर की शिवराज के मंत्री सुरेश धाकड़ ने बिकने को सरेआम स्वीकार कर लिया। अब चुनाव आयोग को देखना है कि इन बिकाऊलालों का पैसा कहां है, कहां से आया और किस किस ने खिलाया।’

वहीं मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि आखिर धाकड़ की दिल की बात जुबां पर आ गई। उन्होंने कहा, ‘धाकड़ के इस बयान की शिकायत कांग्रेस चुनाव आयोग में करेगी। हम चुनाव आयोग को बताएंगे कि विधायकी का पद बेचने वाले प्रत्याशी एक बार फिर से पाला बदलकर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे लोगों का निलंबन अविलंब निरस्त किया जाना चाहिए।’

बता दें कि धाकड़ उन कांग्रेस विधायकों में से हैं जिन्होंने सिंधिया का साथ देकर मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए अपने पद से इस्तीफा दिया था। कांग्रेस इनके खिलाफ लगातार आरोप लगाती रही है कि वह 30-35 करोड़ रुपए लेकर विधायकी पद से इस्तीफा दिया है। उपचुनाव में भी कांग्रेस ने जनता के बीच जाकर इसी बात को अपना मुद्दा बनाया है कि यह लोग गद्दार हैं और इन्होंने आपके वोट का सौदा किया है जिसके बाद क्षेत्र में कांग्रेस के बागी विधायकों का जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है।