December 9, 2022

कांग्रेस ने प्रदेश में निष्पक्ष उपचुनाव संपन्न कराने हेतु चुनाव आयोग से गैर विधायक मंत्रियों को पद से तत्काल हटाने की मांग की

मध्यप्रदेश में जारी सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस ने प्रदेश के गैर-विधायक मंत्रियों के खिलाफ चुनाव आयोग का रुख किया है। कांग्रेस का आरोप है कि कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए मंत्री अपने पद का दुरूपयोग कर आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। कांग्रेस ने शिकायत पत्र में चुनाव आयोग से कहा है कि यह सभी गैर विधायक मंत्री अपने क्षेत्र में अपने अपने विभागों का नाम लेकर वोटरों को कोरी घोषणाओं से लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। जो कि स्पष्टतौर पर आचार संहिता का उल्लंघन है। 

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने अपने प्रेस नोट में कहा है कि कांग्रेस ने आज चुनाव आयोग को शिकायत कर प्रदेश के 14 पूर्व विधायक मंत्रियों को पद से हटाने की मांग की है। सलूजा ने बताया कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग को शिकायत करते हुए कहा है कि यह 14 मंत्री अपने मंत्री पद व वर्चस्व का इस्तेमाल कर अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव को प्रभावित कर आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं।

ये मंत्री अपने विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों व मातहतों पर दबाव डालकर मतदाताओं को व हितग्राहियों को अपने पक्ष में मतदान के लिए निर्देशित करने का काम कर रहे हैं। अपने विभाग के झूठे शिलान्यास, भूमि पूजन व झूठी योजनाओं के नाम पर मतदाताओं को भ्रमित व प्रभावित करने का काम कर रहे हैं और लगातार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। इसलिए इन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाया जाए ताकि इनके क्षेत्रों में निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न हो सके।

कानूनी तौर पर इन मंत्रियों को इस्तीफे के 6 महीने के भीतर चुनाव जीतना जरूरी है। जो कि 21 अक्तूबर को पूरा हो रहा है। जबकि राज्य में उपचुनाव 3 नवंबर को तय है। ऐसे में इन मंत्रियों को भी कुर्सी जाने का डर सता रहा है। चुनाव नतीजे आने से पहले कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए ये गैर-विधायक मंत्री भी डरे हुए हैं।