November 28, 2022

मध्यप्रदेश उपचुनाव में उम्मीदवारों की जीत-हार का फैसला करने में युवाओं की इस बार बड़ी भूमिका

मध्य प्रदेश उपचुनाव में उम्मीदवारों की जीत-हार का फैसला करने में युवाओं की इस बार बड़ी भूमिका रहने वाली है। सबसे ज्यादा 16 सीटों वाले ग्वालियर-चंबल इलाके की 11 सीटों पर युवा मतदाताओं की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा है।

ग्वालियर चंबल अंचल की इन 11 सीटों पर 10 से 39 साल की उम्र वाले मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं की संख्या में आधे से ज्यादा है। इसका साफ अर्थ यह है कि इस विधानसभा उपचुनाव में जो दल या उम्मीदवार युवाओं को अपनी तरफ खींचने में सफल रहा, उसके जीतने की संभावना बढ़ जाएगी। युवाओं के हाथों में सत्ता का चाभी होने की वजह से ही तमाम राजनीतिक पार्टियां युवाओं को साधने की जुगत में लगी हुई हैं।

चार विधानसभा क्षेत्रों में 60 फीसदी से ज्यादा युवा मतदाता

सुमावली में सबसे ज्यादा 61.99 फीसदी मतदाता युवा हैं। इस विधानसभा में कुल मतदातओं की संख्या 2 लाख 39 हजार 853 है जिनमें 1 लाख 48 हजार 694 युवा हैं। सुमावली के बाद जौरा में 61.07 फीसदी यानी 1 लाख 48 हजार 746 युथ वोटर्स हैं। जौरा में कुल 2 लाख 43 हजार 546 वोटर्स हैं। इसके बाद अंबाह में 60.83 फीसदी और दिमनी में 60.04 फीसदी युवा मतदाता हैं। यानी कि चार विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां युवा मतदातओं की संख्या 60 फीसदी से भी ज्यादा है।

सात क्षेत्रों में 50 से 50 फीसदी युवा मतदाता

ग्वालियर चंबल की सात सीटों पर युवा मतदाताओं की संख्या 50 से 60 फीसदी के बीच है। इनमें मुरैना में 56.64 फीसदी, गोहद में 54.78 फीसदी, डबरा में 54.49 फीसदी, ग्वालियर में 53 फीसदी, भांडेर-दतिया में 50.92 फीसदी मतदाता युवा हैं। इसके अलावा ग्वालियर पूर्व में 50.86 और मेहगांव में 50.79 फीसदी युवा वोटर्स हैं।

28 सीटों पर 198 ट्रांस जेंडर भी करेंगे मतदान

प्रदेश के कुल 63 लाख 51 हजार 867 मतदाता इस चुनावी महाकुंभ में भाग लेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 33 लाख 73 हजार 402 और महिला वोटर्स तादाद 29 लाख 78 हजार 267 है। ट्रांस जेंडर्स के तौर पर पंजीकृत मतदाताओं की संख्या महज 198 है। बता दें कि मध्य प्रदेश की जिन 28 सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें 11 आरक्षित सीटें है। इनमें 9 सीटें एससी के लिए और 2 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं।