April 16, 2024

शिवराज ने फिर कलंकित किया मध्यप्रदेश, एक और विधायक की ख़रीदी से जनता में फैला बीजेपी और शिवराज के लिये आक्रोश

मध्य प्रदेश की राजनीति को गंदगी की हद तक ले जाने वाले शिवराज सिंह चौहान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ने वाली जनता अब आमने सामने आ चुकी है। शिवराज सिंह चौहान ने पहले विधायक ख़रीद कर जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार गिरायी और फिर अब उपचुनाव का निर्णय आने के पहले ही और विधायकों को ख़रीदकर जनादेश को धता बताने का दुस्साहस कर रहे हैं।

जनता का साफ़ कहना है जब हमने 15 साल बाद सरकार बदलने का निर्णय लिया था तब शिवराज सिंह चौहान या ज्योतिरादित्य सिंधिया कौन होते हैं जो हमारे निर्णय को बदलें।

सिंधिया और शिवराज कहते हैं कि सरकार ठीक काम नहीं कर रही थी इसलिए हमने बदल दिया, जबकि जनता जानती है कि कोई भी सरकार ठीक काम करें या न करें उसे बदलने का अधिकार जनता के पास है और उसे बदलने की प्रक्रिया को चुनाव कहा जाता है। जनता अच्छे से जानती है कि मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन सिर्फ़ और सिर्फ़ धन बल के आधार पर किया गया है। एक एक विधायक 35-35 करोड़ रुपये में बिके हैं और उसके बदले में शिवराज अपनी सरकार बनाने में क़ामयाब हुए हैं।

सवाल फिर से वही है कि क्या जनता की मर्ज़ी से सरकार बनेगी और बदलेगी या शिवराज और सिंधिया जैसे लोग पैसों के दम पे विधायकों को ख़रीद कर सरकार बनाने और बदलने का काम करेंगे ? और यदि ऐसा ही होता रहा तो फिर सरकार बनाने में जनता की भूमिका क्या बची..?

बहरहाल शिवराज सिंह चौहान ने आज राहुल लोधी के रूप में एक विधायक और खरीददार ये साबित कर दिया कि उनकी पार्टी 28 उपचुनाव में से एक भी सीट नहीं जीत रही है और उनके पास संख्या बल भी नहीं है।

वो जनता जो कल तक कमलनाथ को केवल समर्थन दे रही थी, वो जनता अब कमलनाथ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को बेताब है।

शिवराज ने एक और विधायक ख़रीद कर भारतीय जनता पार्टी की किरकिरी तो कराई ही कराई है, साथ ही अपने एवं अपने राजनीतिक दल के भविष्य पर भी एक बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

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