November 29, 2022

कांग्रेस ने पहली बार इस तरह के गद्दार और बिकाऊ देखे हैं – पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ

  • मुझे ज्यादा नहीं कहना- जनता पर पूरा विश्वास है, उन्हें मूर्ख बनाने का मौका नहीं देगी।
  • हमने 11 महीने में किसानों का कर्जा माफ किया, सरकार बनने पर पूरी माफी की जाएगी।

चुनाव प्रचार थमने से डेढ़ घंटे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा और खासतौर पर शिवराज पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लोग आते-जाते रहे हैं। कोई न कोई कारण रहा, लेकिन इस तरह की गद्दारी और बिकाऊ पहली बार देखी है। मुझे जनता पर पूरा विश्वास है। वह इसका जवाब 3 नवंबर को देगी। यह बात उन्होंने ग्वालियर में पत्रकारवार्ता में ही।

सौदेबाजी का तीन महीने पहले पता था

नाथ ने कहा कि उन्होंने शिलान्यास और नारियल फोड़ा। मौका मिला है, जनता को मूर्ख बनाने का। हमारी 15 महीने की सरकार रही। ढाई महीने लोकसभा चुनाव में गए। फिर तीन महीने सौदेबाजी में रहे। मैं मुख्यमंत्री था। मुझे तीन पहले से पता था कि सौदेबाजी चल रही है। मैंने कौन सी गलती की। यही ना कि सौदेबाजी नहीं की। मैं मध्यप्रदेश में यह नहीं होने देना चाहता था। पहले दिन से झूठ बोल रहे हैं कि किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। कोई कर्जा माफ नहीं होगा। लेकिन विधानसभा में खुलकर बोले 22 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ। अगर सरकार रहती तो हर किसान का कर्जा माफ होता। अगर आगे कांग्रेस सरकार आई तो सबका कर्जा माफ होगा।

मैंने उन्हें कभी नालायक नहीं कहा

वे बोले आपने 10 दिन में क्यों नहीं किया। मैंने तो यह कहा था आप बहुत लायक है। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें नालायक कह रहा हूं। किसी का अपमान नहीं किया। मैंने माफिया के खिलाफ अभियान चलाया। मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कमलनाथ पापी है। मैं एक बात स्वीकार करना चाहता एक गलती मैंने की। सौदा नहीं किया। मुझे पता था इस तरह का सौदा हो रहा है। बस यही गलती की है। मुझे पूरा विश्वास है, ग्वालियर-चंबल के मतदाता इसका जवाब देंगे। सबसे ज्यादा सैनिक मध्य प्रदेश के ग्वालियर के हैं। वीरों की जमीन है। इसके नाम को कलंकित नहीं होने देंगे।

तीन तारीख को जनता जवाब देगी

मुझे पूरा विश्वास है कि 3 तारीख को प्रदेश के मतदाता खासकर की ग्वालियर-चंबल के मतदाता मध्य प्रदेश के मान-सम्मान को सुरक्षित रखने के लिए मध्य प्रदेश में विकास एक नया नक्शा बनाने के लिए वोट करेंगे। यह विश्वास है कि उनके पास सवाल रहेगा कि मान सम्मान की लड़ाई मानकर यह ऐसे कैसे हो गया। मैंने 40 साल में बहुत सारे इलेक्शन कमीशन देखे हैं। इसमें जाने की आवश्यकता नहीं है। 10 तारीख के बाद जनता इसका जवाब देगी। मैं मतदाताओं का बहुत सम्मान करता हूं।