November 29, 2022

शुरू हुई झमाझम बारिश, भोपाल में सड़कें पानी-पानी

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार रात से रुक-रुक कर हुई। वहीं यही बारिश सुबह मूसलाधार बारिश में तब्दील हो गई। इसकी वजह से नदियां और नाले उफान पर हैं। तवा डैम का जलस्तर 6.6 फीट बढ़ गया है। सबसे ज्यादा राहत मिली है भोपाल और इंदौर को। भोपाल में करीब 22 दिन के इंतजार के बाद सुकून देने वाली बारिश शुरू हो गई। गुरुवार को रुक-रुक कर शहर में बारिश होती रही, तो रात को बारिश ने रफ्तार पकड़ी। शुक्रवार सुबह से भी तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। सामान्य तापमान से 2 डिग्री कम तापमान दर्ज किया गया। इंदौर में 24 घंटे में 9.7 मिमी बारिश हुई। हालांकि जुलाई का कोटा यहां भी पूरा नहीं हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार अभी तीन-चार दिन तक पानी गिरेगा। कभी रुक-रुक कर तो की तेज बारिश हेगी। एक और अच्छी खबर यह है कि 27 जुलाई को भी एक लो प्रेशर एरिया बन रहा है। अगर वह बनता है, तो जुलाई के अंत में पूरे सप्ताह पानी गिर सकता है। भोपाल में 24 घंटे में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई है। गुरुवार-शुक्रवार को रात का पारा दो डिग्री लुढ़कर करीब 23.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।

सामान्य से 5% कोटा कम हो गया था

भोपाल में 22 दिन के इंतजार के बाद बारिश हुई है। जुलाई में अब तक पानी नहीं गिरने से बारिश का कोटा सामान्य से नीचे चला गया था। 22 जुलाई की स्थिति में भोपाल में 327 मिमी बारिश हो चुकी थी, जबकि सामान्य कोटा 346 मिमी का है। हालांकि बीते चौबीस घंटों के दौरान हुई बारिश के कारण अब कोटा सामान्य से ज्यादा होने की उम्मीद हो गई है।

इंदौर: जुलाई का कोटा पूरा करने अभी 3 इंच की जरूरत

लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे इंदौरियों को शुक्रवार अलुसबह खुश होने का मौका मिला। रात करीब 3 बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर 4 घंटे तक चलता रहा। इस दौरान रुक-रुककर कभी तेज ताे कभी रिमझिम बारिश होती रही। पिछले 24 घंटे में 9.7 मिमी बारिश रिकार्ड हुई। हालांकि अभी जुलाई के ही टारगेट से बारिश बहुत पीछे है। इस महीने का कोटा पूरा होने के लिए अभी करीब 3 इंच बारिश की जरूरत है। अब तक इंदौर में 176.1 (7 इंच के करीब) बारिश हो चुकी है। रुक-रुक कर बारिश होने के बाद भी उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। अभी भी रात का पारा सामान्य से 2 डिग्री ऊपर है। वहीं, दिन के पारे में जरूर कमी आई है।