December 7, 2022

पीएम मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस मनाने की घोषणा की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को अब विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। मोदी ने शनिवार को ट्विटर के माध्यम से बंटवारे को याद करते हुए कहा कि इस दर्द को भुलाया नहीं जा सकता है इसलिए इस दिन विभाजित हुए लोगों के बलिदान और संघर्ष को सम्मान दिया जाएगा और याद किया जाएगा। 

पीएम ने लिखा- “देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है”

मोदी ने यह भी कहा कि यह दिन सभी को दुर्भावना और वैमनस्य भूलने के लिए प्रेरित करेगा और आपसी सद्भाव को बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने ट्विटर पर आगे लिखा ‘#PartitionHorrorsRemembranceDay का यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी।’ पाकिस्तान को 1947 में भारत से अलग कर ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन ने हिंदू-मुस्लिमों के बीच गलतफहमियां व दुर्भावना को बढ़ावा दिया। विभाजन के बाद बड़े पैमाने में लोगों के हुजूम ने बॉर्डर पार करते वक़्त हिंसा की आग में जल कर अपनी जानें गंवाई थी। दोनों देशों को अलग कर 14 अगस्त को पाकिस्तान के आज़ादी दिवस के रूप में घोषित कर दिया गया और 15 अगस्त को भारत के आज़ादी दिवस के रूप में। इस बंटवारे में बंगाल के भी दो टुकड़े कर दिए गए थे और एक हिस्से को पूर्वी पाकिस्तान घोषित कर दिया गया था। हालांकि, बाद में इंदिरा गांधी के योगदान से पूर्वी पाकिस्तान को पाक के चंगुल से आजाद कराया गया।