December 7, 2022

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे पुलिस हिरासत में, उद्धव पर दिया था विवादित बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बयानबाजी केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को महंगी पड़ती दिखाई दे रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने मंगलवार दोपहर को उन्हें हिरासत में ले लिया। शिवसैनिकों ने मंगलवार को महाराष्ट्र के 17 शहरों में उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। नासिक में BJP कार्यालय पर पत्थरबाजी की गई, तो वहीं मुंबई में राणे के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिवसैनिकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। राणे के खिलाफ 3 FIR दर्ज होने के बावजूद शिवसेना के गढ़ यानी कोंकण में राणे की जन आशीर्वाद यात्रा जारी है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री के खिलाफ पुणे, रायगढ़ और नासिक में FIR दर्ज हो गई है। साथ ही औरंगाबाद और खेरवाड़ी में भी FIR दर्ज करने की मांग की गई है। पुणे और नासिक पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट भी जारी कर दिया है। पुणे के चतुःश्रुगी पुलिस स्टेशन की एक टीम रायगढ़ के चिपलून के लिए रवाना हो चुकी है। बताया जा रहा है कि यह टीम नारायण राणे को गिरफ्तार करने जा रही है। भाजपा की जनआशीर्वाद यात्रा में शामिल नारायण राणे सोमवार से यहीं पर हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए राणे ने रत्नागिरी के कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। इसे अदालत ने रद्द कर दिया है।

राणे के बयान से भाजपा का किनारा

नारायण राणे के बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जयंत पाटील ने मंगलवार को कहा कि हम जानना चाहते हैं कि नारायण राणे ने जो बयान दिया हैं उसका समर्थन BJP और फडणवीस करते हैं या नहीं। इसपर पूर्व CM फडणवीस ने कहा, ‘मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर नारायण राणे को लेकर जो भी टिप्पणी की है, हम उसका समर्थन नहीं करते हैं। किसी के खिलाफ भी बोलने का एक तरीका होता है और मुझे लगता है कि उसी दायरे में रहकर वह बात कहनी चाहिए, लेकिन हमें यह समझना होगा कि उन्होंने यह बयान किस परिपेक्ष में दिया है। भारतीय जनता पार्टी वक्तव्य का समर्थन नहीं करती है, लेकिन हम उस व्यक्ति का समर्थन करते हैं। भारतीय जनता पार्टी नारायण राणे के साथ पूरी ताकत के साथ खड़ी रहेगी।

फडणवीस ने आगे कहा कि मुझे आश्चर्य है कि शर्जील उस्मानी नाम का एक व्यक्ति महाराष्ट्र में आकर यहां के लोगों को गाली देता है, हिंदुओं को गाली देता है। शुरू में पुलिस उसके खिलाफ FIR तक दर्ज नहीं करती है। उस पर कोई कार्रवाई नहीं करती, लेकिन केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बयान के बाद तीन जगह FIR दाखिल होती है और टीमें उन्हें अरेस्ट करने के लिए निकलती हैं। इसके बाद पुलिस कमिश्नर आदेश देते हैं कि उनको पकड़ा जाए और कोर्ट के सामने हाजिर किया जाए।