November 29, 2022

मोदी जी कुछ दिन आप भी गुजारो गुजरात में, जहरीली शराब कांड पर फूटा खेड़ा का गुस्सा

नई दिल्ली। शराबबंदी वाले गुजरात में जहरीली शराब पीने से 46 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 100 से अधिक लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। राज्य में शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब से हुई मौतों ने तमाम दावों की पोल खोल दी है। विपक्षी दल कांग्रेस इस घटना को लेकर हमलावर है। कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान पीएम मोदी से कहा कि कुछ दिन आप भी गुजरात में गुजारें।

पवन खेड़ा ने कहा कि, ‘अफ़सोस की बात है कि ये केमिकल ‘मिथाइल अल्कोहल’ जिसका जिक्र किया गया, इसका प्रोडक्शन, इसकी सेल और इसकी बिक्री सब सरकारी निगरानी में होनी चाहिए। सरेआम इस केमिकल का सेवन हो रहा है, सरेआम इसकी बिक्री हो रही है और लोग मौत का शिकार हो रहे हैं। गुजरात का बोटाद जिला, जिसमें ये दुखांतिका हुई और यह पहली बार नहीं हुई है, 15 हज़ार करोड़ का एक गैर कानूनी कारोबार बिना सरकार के, बिना राजनीतिज्ञों के, बिना पुलिस प्रशासन की मिलीभगत के संभव ही नहीं हो सकता।’

उन्होंने आगे कहा कि, ‘प्रधानमंत्री। गुजरात में ही हैं। गृहमंत्री भी वहीं के हैं और मुख्यमंत्री, लेकिन तीनों में से कोई बोटाद नहीं गए, मृतकों के परिवारों से नहीं मिले, प्रधानमंत्री ने न ही कोई ट्वीट किया और न कोई स्टेटमेंट नहीं। प्रधानमंत्री जी, अब हम आपको कहते हैं कि कुछ दिन अब आप भी गुजारो गुजरात में। जिस ढर्रे पर आप गुजरात को छोड़कर गए थे, उसी ढर्रे पर ही आज भी गुजरात चल रहा है। लोग मर रहे हैं और नकली और जहरीली शराब का सेवन कर रहे हैं।’

पवन खेड़ा ने कहा कि, ‘प्रधानमंत्री जी, अब हम आपको कहते हैं कि कुछ दिन अब आप भी गुजारो गुजरात में। जिस ढर्रे पर आप गुजरात को छोड़कर गए थे, उसी ढर्रे पर ही आज भी गुजरात चल रहा है। लोग मर रहे हैं और नकली और जहरीली शराब का सेवन कर रहे हैं। गुजरात को आप किस स्तर पर जाकर रोकोगे। यह एक ऐतिहासिक प्रदेश है। देश ही नहीं, विश्व को गुजरात ने बापू और पटेल के नाम पर एक योगदान दिया है। उस गुजरात की आपने यह हालत कर दी है।’

पवन खेड़ा ने मांग करते हुए कहा कि जहरीली शराब कांड की हाई कोर्ट के सीटिंग जज द्वारा जांच होनी चाहिए। साथ ही जहरीली शराब पीने की वजह से मरने वालों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिनकी आंखें चली गई हैं या किडनी डैमेज हो गई उनके लिए मुफ्त और बेहतर इलाज की व्यवस्था हो।