August 10, 2022

कॉंग्रेसियो ने हाथ में तिरंगा लिए जवाहरलाल नेहरू की फोटो लगाई, राहुल-प्रियंका ने भी बदली डीपी

भोपाल- पीएम मोदी ने देशवासियों से अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर लगाने का आह्वान किया था। अब इस आह्वान के बाद कांग्रेस ने तिरंगा थामे पंडित नेहरू की तस्वीर डीपी में लगाना शुरू कर दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश समेत तमाम दिग्गजों का एक ही डीपी है। सभी ने प्रथम प्रधानमंत्री के साथ वाली तिरंगे की तस्वीर को डीपी बनाया है। यह अब एक मुहिम का रूप ले चुका है।

दरअसल, मंगलवार देर रात लेखक अशोक कुमार पाण्डेय ने यह तस्वीर लगाई थी। इसके साथ उन्होंने लिखा था कि, ‘मैंने अपनी DP अपने प्रिय नेता जवाहरलाल नेहरू के हाथ में लिए तिरंगे की लगाई है।
मेरी चुनौती है कि सावरकर, गोलवलकर या श्यामाप्रसाद मुखर्जी के प्रशंसक अपने नेता के हाथ में तिरंगे वाली DP लगाएँ। मंज़ूर है?’

सुबह तक देखते ही देखते लाखों लोग नेहरू की इस तस्वीर को अपने डीपी में लगा चुके थे। राहुल गांधी ने डीपी चेंज करते हुए लिखा कि, ‘देश की शान है, हमारा तिरंगा, हर हिंदुस्तानी के दिल में है, हमारा तिरंगा।’ वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा कि, ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊँचा रहे हमारा।’

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने लिखा कि, ‘वर्ष 1929 के लाहौर अधिवेशन में रावी नदी के तट पर झंडा फहराते हुए पंडित नेहरू ने कहा था “एक बार फिर आपको याद रखना है कि अब यह झंडा फहरा दिया गया है। जब तक एक भी हिंदुस्तानी मर्द, औरत, बच्चा जिंदा है, यह तिरंगा झुकना नहीं चाहिए।” देशवासियों ने ऐसा ही किया।’

उन्होंने आगे लिखा कि, ‘हम हाथ में तिरंगा लिए अपने नेता नेहरू की DP लगा रहे हैं। लेकिन लगता है प्रधानमंत्री का संदेश उनके परिवार तक ही नहीं पहुंचा। जिन्होंने 52 सालों तक नागपुर में अपने हेड क्वार्टर में झंडा नहीं फहराया, वे क्या प्रधानमंत्री की बात मानेंगे?’

इसी के साथ कांग्रेस मांग कर रही है कि आरएसएस भी अपने डीपी पर भगवा ध्वज के बजाए तिरंगा की तस्वीर लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरएसएस के ट्विटर हैंडल का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा है कि, ‘जिनका आज़ादी में कोई योगदान नहीं, उनके दिल में तिरंगे का कोई सम्मान नहीं।’

डीपी पर तिरंगा लगाने का यह अभियान अब बीजेपी और आरएसएस के लिए भारी पड़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आजादी के 52 वर्षों तक जिस आरएसएस ने अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया, क्या वह संगठन अमृत महोत्सव के लिए तिरंगा को डीपी में इस्तेमाल करेगी या अब भी भगवा ध्वज को तिरंगे से ज्यादा तरजीह देगी।