December 10, 2022

कमलनाथ ने जारी किया वॉट्सअप नंबर, सत्ता के एजेंट बनकर काम करने वाले अधिकारियों की बनाएगी लिस्ट

भोपाल- मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस युद्ध स्तर पर लगी हुई है। राजनैतिक द्वेष के कारण मुकदमा झेल रहे कार्यकर्ताओं के लिए लीगल सेल गठित करने के बाद प्रदेश कांग्रेस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। पीसीसी चीफ ने कार्यकर्ताओं के लिए एक वॉट्सएप नंबर और ईमेल एड्रेस जारी किया है, जिसपर वे सत्ता के एजेंट के तरह काम करने वाले अधिकारियों के डिटेल्स भेजेंगे। कमलनाथ ने स्पष्ट किया है कि सरकार बनते ही ऐसे अधिकारियों को सबक सिखाया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को पत्र लिखा है। इसमें उन्हें चुनावों में सरकार की मदद करने वाले अधिकारियों की लिस्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पीसीसी चीफ ने अधिकारियों का सर्विस रिकॉर्ड भी मांगा है और कहा है कि वे किस तरह अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं इसकी पूरी जानकारी दी जाए। कमलनाथ ने इसके लिए ईमेल आईडी[email protected] और व्हाट्सएप नंबर 94259 83398 जारी किया है।

बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्षों के अलावा पार्टी के आम कार्यकर्ता भी किसी अधिकारी के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से शिकायत भेज सकते हैं। ये शिकायतें डायरेक्ट कमलनाथ को भेजी जाएंगी और लिस्ट तैयार कर अधिकारियों को चिन्हित किया जाएगा। साल 2023 में यदि पार्टी सत्ता में वापसी करती है तो इन अधिकारियों से न केवल जवाब तलब किया जाएगा, बल्की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

कमलनाथ ने वरिष्ठ नेता चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी को चुनाव शिकायत प्रभारी बनाया है। कमलनाथ ने कहा है कि नगर पंचायत और शहरी निकाय चुनाव के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारियों की विधि विरुद्ध काम करने और सत्ताधारी दल के प्रत्याशियों को जिताने की शिकायतें आई हैं। अनेक स्थानों पर पुलिस, पैसा और प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस के प्रत्याशियों और समर्थकों पर द्वेष पूर्ण कार्रवाई की गई। सत्ता पक्ष को चुनाव जिताने के लिये खुलकर और पर्दे के पीछे से समर्थन किया गया।

कमलनाथ ने जिलाध्यक्षों को संबोधित पत्र में लिखा है कि ऐसी घटनाओं के कारण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव बाधित हुआ। आप सभी को निर्देशित करता हूँ कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत तथा जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर के किसी भी चुनाव में पूरी प्रक्रिया के दौरान बड़े से बड़े और छोटे से छोटे अधिकारी द्वारा की गई गलत कार्रवाई की जानकारी और शिकायत मुझे भेजें।शिकायत में इस बात का उल्लेख करें कि चुनाव में किस स्तर पर गड़बड़ी और अनियमितता की गई है। जिले से लेकर राज्य तक के किस अधिकारी और कर्मचारी द्वारा पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की गई है। ये शिकायतें सीधे मेरे पास आयेगी। 14 महीने बाद जब हमारी सरकार बनेगी तब इन अधिकारियों और कर्मचारियों जिन्होंने पद का दुरुपयोग किया है उन सभी का इंसाफ किया जाएगा।’

बता दें कि प्रदेश में हुए पंचाय़त चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव में कमलनाथ ने प्रशसान पर राज्य की बीजेपी सरकार का मदद का आरोप लगाया था। इससे पहले लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में भी ब्यूरोक्रेसी पर बड़े स्तर पर धांधली के आरोप लगे थे। पीसीसी चीफ कमलनाथ इससे पहले भी कई बार खुले मंच से सत्ता में लौटने पर फुलछाप (सत्ताधारी दल के लिए काम करने वाले) अधिकारियों को चेतावनी दे चुके हैं।