November 29, 2022

विधानसभा चुनाव की तेजी से तैयारी कर रही कांग्रेस, कमलनाथ ने किया यह ऐलान

भोपाल- मध्य प्रदेश अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 (MP assembly elections 2023) को लेकर कांग्रेस (MP Congress) और बीजेपी दोनों सक्रिय नजर आ रही हैं. जहां बीजेपी संगठन अपने पदाधिकारियों के साथ बैठकों के माध्यम से तैयारी करता दिखाई दे रहा है तो वहीं पीसीसी चीफ कमलनाथ (Congress Chief Kamal Nath) ने भी बीजेपी (BJP) को उसी के दांव में मात देने के लिए कमर कस ली है. बीजेपी के संगठन से निपटने के लिए कांग्रेस ने उसी की तर्ज पर संगठन मंत्रियों की नियुक्ति का प्लान बनाया है. संगठन मंत्री और महामंत्री ब्लाक से लेकर मंडल और सेक्टर तक सीधे संगठन की गतिविधियों से जुड़े रहेंगे और पीसीसी चीफ (PCC Chief) के संपर्क में रहेंगे.

तैयार किया जा रहा कार्यकर्ताओं का डाटा
इन पदों के लिए स्थानीय और जमीन पर पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं का डाटा तैयार किया जा रहा है ताकि ऐसे नेता सीधे जनता के संपर्क में रह सकें. इसके अलावा जो संगठन से जुड़े लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं वे संगठन के पदों पर अब नहीं रह पाएंगे. इसी के चलते कांग्रेस में कई नेताओं को संगठन के पद से हटा दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने संगठन के नेताओं को गुट से मुक्त करके स्वतंत्र और जमीनी कार्यकर्ताओं को मजबूत करने के लिए नये प्रयास करने के मूड में दिखा रहे हैं.

कांग्रेस का संगठन मजबूत करने पर जोर
सूत्रों के मुताबिक नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस को अपेक्षा से अधिक सफलता मिली थी जिसके चलते अब कांग्रेस के कई नेता अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं ताकि उनकी साख बनी रहे और एक बार फिर कांग्रेस को सत्ता में लाकर सत्ता सुख का स्वाद चखा जा सके. वहीं 2023 में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और साल 2024 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं. दोनों चुनावों पर फोकस करते हुए कांग्रेस राहुल गांधी की अगुआई में भारत जोड़ो यात्रा निकालकर देशभर में पार्टी को मजबूत करने का काम करेगी. वे 16 दिन के लिए मध्य प्रदेश में 342 किलोमीटर की भारत जोड़ो यात्रा करेंगे.

बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी
अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में क्या असर होगा. माना जा रहा है कि राहुल गांधी की मालवा-निमाड़ की यात्रा सीधे तौर पर बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाने का काम करेगी. वहीं मालवा-निमाड़ में 66 विधानसभा सीटें हैं. इस अंचल में 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खाते में 56 और कांग्रेस को नौ सीटें मिली थीं. वहीं साल 2018 के चुनाव में बीजेपी को 29 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था. इस चुनाव में कांग्रेस ने यहां से 34 सीटें जीतकर प्रदेश में सरकार बनाई थी. माना जाता है कि मालवा में जो भी पार्टी जीत दर्ज करती है वही प्रदेश में सरकार बनाती है.