October 4, 2022

कांग्रेस अध्यक्ष पद नहीं बल्कि इस वजह से दिल्ली आये हैं दिग्विजय सिंह

भोपाल- कांग्रेस के राज्यसभा अध्यक्ष और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। दिग्विजय सिंह भारत जोड़ो यात्रा से अचानक दिल्ली पहुंचे हैं। उनके अचानक दिल्ली पहुंचने को कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

कल कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की लम्बी मुलाक़ात के बाद दिग्विजय सिंह के अचानक दिल्ली पहुंचने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हालंकि अध्यक्ष पद का चुनाव लडने को लेकर दिग्विजय सिंह ने अपनी स्थिति साफ कर दी है।

उन्होंने कहा कि वे दिल्ली अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नहीं बल्कि भारत जोड़ो यात्रा के संदर्भ में बातचीत के लिए आए हैं। साथ ही दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि मैं हमेशा कांग्रेस और गांधी परिवार के लिए समर्पित था और समर्पित रहूंगा। पार्टी मुझे जो भी आदेश देगी उसका मैं पालन करता आया हूं और करता रहूंगा। पार्टी हित में मुझे जो भी जवाबदारी मिलेगी उसे मैं पूरा करूँगा।

दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से समय लेने की खबरों को भी बेबुनियाद बताया है। साथ ही उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए गांधी परिवार की पसंद कहे जा रहे अशोक गहलोत को लेकर कहा है कि वे पार्टी के वफादार हैं और पार्टी जो कहेगी गहलोत वहीं करेंगे।

गौरतलब है कि अशोक गहलोत ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से लंबी मुलाकात की थी। साथ ही उन्होंने कहा है कि वे अंतिम समय तक राहुल गांधी को अध्यक्ष पद के लिए मनाने का प्रयास करेंगे अगर वे नहीं मानते हैं तो अध्यक्ष पद का नामांकन दाखिल करेंगे।

वहीं गहलोत के अध्यक्ष पद पर नाम के साथ ही राजस्थान में नेतृत्व को लेकर पार्टी में दुविधा की स्थिति बनती दिख रही है। गहलोत चाहते हैं कि वे मुख्यमंत्री पद के साथ ही अध्यक्ष पद संभालें जबकि ‘एक व्यक्ति एक पद’ के आधार पर उन्हें एक पद छोड़ना पड़ सकता है। सचिन पायलट भी राजस्थान की कुर्सी पर पूरी ताकत से दावेदारी जाता रहे हैं।