February 29, 2024

डाक्‍टरों की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल, मेडिसिन विशेषज्ञ तक नहीं मौजूद

भिंड के जिला अस्पताल में डाक्‍टर के 25 पद खाली

भिंड – भिंड जिला अस्पताल लंबे समय से डाक्टरों की कमी है। हालत यह है कि यहां मेडिसिन विशेषज्ञ के पांच पद हैं, लेकिन ये सभी खाली पड़े हुए हैं। हालांकि संविदा के तौर पर मेडिसिन विशेषज्ञ डा विनीत गुप्ता अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिला अस्पताल में यूं तो 39 डाक्टरों की जरूरत है, लेकिन इसमें से 14 चिकित्सकों के पद ही भर सके हैं। शेष 25 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। शनिवार और रविवार को शहर में यह स्थिति निर्मित हो जाती है कि जिला अस्पताल के साथ-साथ निजी डाक्टर भी अपनी क्लीनिकों पर नहीं मिलते हैं। ऐसे में मरीज एवं उनके स्वजन को उपचार के लिए 80 किमी का सफर तय करके ग्वालियर जाना पड़ता है।
बता दें कि जिला अस्पताल में बीते कुछ सालों में संसाधन जुटाने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन डाक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि आगे आया और न ही किसी स्वास्थ्य एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारी ने कोई प्रयास किए। चिकित्सक के साथ रेडियोलाजिस्ट, पैथोलाजिस्ट सहित अन्य कर्मचारियों की कमी के चलते यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
जिले के अस्पतालों में काम का दबाव ज्यादा होने की वजह से भी डाक्टर यहां आना नहीं चाहते हैं। बीते कुछ साल में जिला अस्पताल में हुई घटनाओं के चलते, अस्पताल की छवि को खराब करने के प्रयास किए गए।

10 महीने में 6302 मरीज हुए ग्वालियर रेफर

जिले में डाक्टरों की कमी के कारण 1 जनवरी से लेकर 30 अक्टूबर तक सिर्फ जिला अस्पताल से ही छह हजार 302 मरीजों को ग्वालियर के लिए रेफर किया गया है। इसमें जनवरी में 621, फरवरी में 615, मार्च में 509, अप्रैल में 733, मई में 728, जून में 623, जुलाई में 641, अगस्त में 604,सितंबर में 538 और अक्टूबर महीने में सबसे अधिक 690 मरीजों को रेफर किया गया है।
जिला अस्पताल में डाक्टरों कमी को पूरा करने के लिए मंत्री व विधायक कभी कोई प्रयास करते हुए नजर नहीं आते। हालांकि अपने किसी नजदीकि को बेहतर उपचार दिलाने के लिए अस्पताल प्रबंधन पर वह पूरा दबाव बनाते नजर आ जाएंगे, लेकिन जिले में नवीन डाक्टरों को लाने के लिए उनकी ओर से कभी कोई प्रयास होता हुआ दिखाई नहीं देता है।

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