April 21, 2024

महाअभियान में भी पीछे,नामांतरण से लेकर राजस्व के छोटे-छोटे मामले एक साल से लंबित

भोपाल – नामांतरण से लेकर राजस्व के छोटे-छोटे मामले एक-एक साल से लंबित है। लोग नामांतरण से लेकर बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्त कराने, नक्शा आदि कामों के लिए भटक रहे हैं। भोपाल अधिकांश मामलों मे रेड जोन है। इन जैसे ही मामलों को निपटाने के लिए महाअभियान शुरू किया गया लेकिन भोपाल इसमें भी सबसे पीछे है। प्रदेश में भोपाल अन्य जिलों की तुलना में आखरी पायदान पर 55वें नंबर पर है। अभियान से पहले नामांतरण के ही 9 हजार से ज्यादा मामले लंबित रहे। एक सप्ताह में ही करीब साढ़े 5 हजार प्रकरणों को हल हुए। तब भी राजधानी 40वें पायदान पर था।

नामांतरण के अभी भी 1500 से ज्यादा मामले लंबित

राजधानी में अब भी नामांतरण के 1500 से ज्यादा मामले लंबित हैं। अभिलेख दुरुस्त करने के 317 में से 101 अटके हुए हैं। नक्शा संबंधी मामले पौने दो लाख से ज्यादा लंबित हैं। अभियान के पहले भोपाल में नामांतरण के 9 हजार से ज्यादा मामले लंबित थे, पहले सप्ताह में ही 5 हजार से ज्यादा हल किए गए। यह तेजी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के टाइम लिमिट (टीएल) की बैठक में एसडीएम और तहसीलदार से वन टू वन में उनके काम पर नाराजगी जताने के बाद देखी गई थी।

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