April 21, 2024

उज्जैन में 74 साल की बुजुर्ग को अगवा कर लूटा

उज्जैन – उज्जैन में एक 74 साल की बुजुर्ग को अगवा कर बदमाशों ने लूट लिया। बुजुर्ग सोमवार रात मंदिर जा रही थीं। अकेला पाकर बदमाशों ने उन्हें कार में खींचा और 6 किलोमीटर तक मुंह दबाकर ले गए। उनसे सोने की चेन और टॉप्स उतरवा लिए। बाद में भूखी माता रोड किनारे फेंककर भाग निकले। घटना रात 8 से 8.30 बजे के बीच की बताई जा रही है। डायल 100 टीम ने बुजुर्ग को रास्ते पर पड़ा देखा। उनसे पूछताछ की, इसके बाद उन्हें घर पहुंचाया। वारदात वेदनगर के सेक्टर-A निवासी सेवानिवृत्त प्रोफेसर स्व. जगदंबा प्रसाद की पत्नी शकुंतला देवी पांडे के साथ हुई है। वे रोज घर के पास ही हनुमान मंदिर जाती हैं।
शकुंतला देवी की बेटी स्मृति पांडेय ने बताया कि सोमवार को भी मां मंदिर दर्शन कर वापस लौट रही थीं। मंदिर और घर के बीच की दूरी 500 मीटर है। रास्ते में एक जगह अंधेरा रहता है। यहां बदमाश पहले से कार लिए खड़े थे। एक युवक कार के बाहर खड़ा था। उसने मां का मुंह दबाकर जबरदस्ती कार में बैठाया। इसके बाद भूखी माता मंदिर रोड की ओर ले गए। बदमाश जेवर खींचने लगे तो उन्होंने हाथ जोड़े और खुद सोने के टॉप्स और चेन उतारकर दे दी।
बदमाशों ने कार सड़क किनारे रोकी और गाड़ी से बुजुर्ग को बाहर धकेलते हुए फरार हो गए। बुजुर्ग ने बेटी को बताया कि बदमाश सोने की चूड़ियां भी लेना चाहते थे। उन्होंने बदमाशों से कह दिया कि ये पीतल की हैं, चाहिए हो तो ले लो। इस पर बदमाशों ने चूड़ियां नहीं ली। डायल 100 टीम ने बुजुर्ग की बेटी को फोन पर जानकारी दी। वे नानाखेड़ा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं और मां को लेकर घर आईं। नानाखेड़ा पुलिस रात तक अपहरणकर्ता और कार के बारे में पता लगाने के लिए फुटेज खोजती रही।

रास्ते में मां की चप्पल पड़ी थी, हम इधर-उधर ढूंढते रहे…

मां मंदिर से आने में लेट हो गईं तो मैंने दोनों बच्चों को देखने भेजा। उन्हें रास्ते में मां की चप्पल दिखी तो बच्चे दौड़कर आए और मुझे बताया। मुझे लगा कि मां गिर तो नहीं गई। मैं करीब के निजी अस्पताल पता करने पहुंची। वहां मां नहीं थी। मैंने नानाखेड़ा पुलिस को सूचना दी। हम उन्हें खोज ही रहे थे, तभी एक अन्य पुलिसकर्मी का फोन आया कि आपकी माताजी का अपहरण हो गया है। वे भूखी माता के पास हैं, आ जाइए। हम तत्काल वहां पहुंचे। मां बहुत ही घबराई हुई हैं। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने मुंह दबाकर रखा था। वे कह रहे थे कि शोर मत मचाना। कार में दो बदमाश थे। एक कार चला रहा था। दूसरा मुंह दबाए बैठा था। मां घर आई तो उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

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