April 21, 2024

जल जीवन मिशन:अफसरों ने अटकाया

सागर – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में यह जल जीवन मिशन कार्यक्रम पानी मांग रहा है। रहली विकासखंड के 18 गांव के लोग बीते एक साल से काम शुरू करने का इंतजार कर रहे है, लेकिन विभाग के अफसर बीते 13 महीने में काम शुरू नहीं करा पाए। इन 13 महीनों में 7 बार टेंडर किए गए, ठेकेदार भी आए, टेंडर खोले भी गए, लेकिन किसी ठेकेदार को काम अब तक नहीं दिया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक विभाग के कुछ अफसरों के हित पूरे नहीं होने के कारण बार-बार टेंडर निरस्त किए जा रहे हैं।

भास्कर ने इस पूरे मामले की पड़ताल की तो पता चला कि पहली बार हुए टेंडर से लेकर हर बार अफसरों की भूमिका संदिग्ध रही है। बार-बार टेंडर निरस्त किए जा रहे हैं और हर बार सही कारण भी नहीं बताया जा रहा। बहाने बनाए जा रहे हैं। इस मामले में नीचे से लेकर ऊपर तक के अफसरों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।

ऐसे हुए टेंडर और निरस्त होते रहे

पहला टेंडर – अधीक्षण यंत्री ने निरस्त किया, कारण भी गलत बताया : पहला टेंडर फरवरी 2023 में 4.77 लाख का 3 समूह में लगाया गया। इसमें से एक टेंडर मदनपुरा ग्रुप का कार्यपालन यंत्री ने स्वीकृत कर दिया। कार्य आदेश किए गए। बाकी दो टेंडर अधीक्षक यंत्री ने निरस्त कर दिए। निरस्त करने का कारण निविदा शर्तों का पालन न करने का दिया गया, जबकि तीनों टेंडर में एक समान नियम एवं शर्तें थीं फिर भी दो टेंडर निरस्त किए, इन तीनों टेंडर में समानताएं थी, बावजूद इसके एक स्वीकृत कर दो निरस्त कर दिए।

दूसरा टेंडर – किया जा रहा था फर्जीवाड़ा : दूसरी बार हुए टेंडर में 2023 में ही एक साथ 18 गांव का टेंडर 4.77 करोड़ का लगाया। इसमें दो गांव ऐसे शामिल कर दिए गए जहां जल निगम द्वारा काम पूरा किया गया था। अफसर को जानकारी होने के बावजूद यह गांव जोड़कर टेंडर लगाया था। दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल कर खुलासा किया तो टेंडर निरस्त कर दिए गए।

तीसरा टेंडर – किया जा रहा था शासन का नुकसान : तीसरा टेंडर जून 2023 में 4.77 करोड़ से घटाकर 4.13 करोड़ का लगाया गया। इसकी निविदा दरें 6.99% अधिक आईं। भास्कर ने इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि सरकार को बड़ा नुकसान हो रहा है। इसका खुलासा होने के बाद यह टेंडर निरस्त किया गया

चौथा टेंडर – 2.99% कम कीमत पर भरा टेंडर : चौथा टेंडर सितंबर 2023 को किया गया। इसमें ठेकेदारों ने 2.99% कम में काम करने की सहमति दी, यानी टेंडर कम कीमत पर गया। इससे शासन को फायदा होता, बावजूद इसके टेंडर निरस्त कर दिया गया।

पांचवां टेंडर – आचार संहिता में कर दिया : इसी काम के लिए पांचवां टेंडर 9 अक्टूबर 2023 को लगाया। इस दौरान विधानसभा चुनाव आचार संहिता लग गई थी, इसका उल्लंघन किया गया। इसकी जानकारी बाहर आने पर टेंडर फिर निरस्त कर दिया गया।

छठवां टेंडर – 25.87% कम आया भाव : छठवां टेंडर 5 जनवरी 2024 को लगाया। इसमें ठेकेदारों ने तय लागत से 25.87% कम लागत पर काम करने पर सहमति दी। यानी इतनी कम दर पर कम करने के लिए टेंडर भरा गया। इससे शासन को करीब एक करोड़ से अधिक का फायदा होता। इसके बावजूद टेंडर निरस्त किया गया।

सातवां टेंडर- समय पर नहीं खोला : सातवीं बार टेंडर इसी महीने तीन फरवरी को किया गया। इसको खोलने की तारीख 20 फरवरी पोर्टल पर दर्ज है, फिलहाल यह टेंडर नहीं खुला है।

हर बार निरस्त किए टेंडर, इसलिए मामला संदिग्ध

गांव में नल जल योजना शुरू करने के टेंडर अब तक 7 बार किए जा चुके हैं, हर बार काम करने के लिए ठेकेदारों ने टेंडर भरे भी, लेकिन काम किसी को नहीं दिया। इस दौरान कम और ज्यादा भाव भी आए, लेकिन दोनों ही स्थिति में काम नहीं दिया। सूत्रों के मुताबिक ज्यादा भाव आने पर संबंधित ठेकेदार से बात की गई थी लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर टेंडर फिर निरस्त कर दिया।

पड़रिया संडई में जलस्रोत ही नहीं, घुघरीखेड़ा वनग्राम

इसी टेंडर में शामिल पड़रिया संडई में जलस्रोत ही नहीं है। इसके बावजूद इसे टेंडर में शामिल कर दिया है। एक अन्य टेंडर 274939 में मुहली के पास वन ग्राम घुघरीखेड़ा काे शामिल किया है। यहां नल जल याेजना पर वन विभाग की आपत्ति है। इस कारण फिलहाल यहां काम हाेना संभव नहीं है। इसका भी टेंडर कर दिया है।

फिर से किया गया टेंडर

कार्यपालन यंत्री हेमंत कश्यप ने बताया कि काम शुरू कराने के लिए फिर से टेंडर कराए हैं, अभी खुले नहीं हैं। अलग-अलग कारणों से यह काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इस बार की स्थिति टेंडर खुलने के बाद स्पष्ट होगी।

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