November 28, 2022

प्रदेश के 12 जिलों में बारिश हुई बारिश, बारिश का नया सिस्टम पूर्वी मध्यप्रदेश से होगा एक्टिव

भोपाल- खरगोन में नर्मदा नदी पर बने महेश्वर बांध के गेट टूटकर गिरने की आशंका जताई जा रही है। ऐसा होने से दो दर्जन गांव प्रभावित होंगे। मध्यप्रदेश में शुक्रवार से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। ऐसे में बांध को लेकर खतरा बढ़ता दिख रहा है। हालांकि, नए सिस्टम से इंदौर-उज्जैन संभाग समेत अन्य जगह रिमझिम बारिश होगी। जबकि भोपाल-नर्मदापुरम में तेज बारिश होगी। यह सिस्टम 31 अगस्त तक एक्टिव रहेगा। मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया, नए सिस्टम से भारी बारिश होने के आसार नहीं हैं।

प्रदेश में 22-23 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश का असर अब भी कई जिलों में देखा जा रहा है। मुरैना में 26 साल बाद चंबल का रौद्र रूप देखने को मिला है। लोग घरों की छतों और पहाड़ियों में फंसे हुए हैं। अभी तक भिंड, मुरैना और श्योपुर के 60 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। 9 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह के अनुसार- बारिश का नया सिस्टम पूर्वी मध्यप्रदेश से एक्टिव होगा। 26 अगस्त को पूर्वी मध्यप्रदेश और इसके बाद अन्य हिस्सों में बारिश होगी। 27 अगस्त को भोपाल, नर्मदापुरम संभाग में तेज बारिश की संभावना है। हालांकि, बारिश का दौर लगातार चल रही है। गुरुवार को कुछ समय के लिए बारिश हुई। बुधवार रात में भोपाल में करीब आधा घंटा तेज बारिश हुई थी।

12 जिलों में हुई बारिश
गुरुवार को प्रदेश के 12 जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा रीवा में सवा इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। सिवनी और ग्वालियर में आधा-आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, सतना, गुना, सीधी, छतरपुर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, राजगढ़ और शिवपुरी में भी बारिश रिकॉर्ड की गई।

कोई खतरा नहीं
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का कहना है कि एक गेट गिरने से फिलहाल कोई खतरा नहीं है। बाकी गेट का निरीक्षण करवा लिया है। परियोजना का कार्य करने वाली कंपनी बैंक डिफॉल्टर है। मामला एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में चला गया है, इससे फिलहाल और कोई वहां काम नहीं कर सकता है।

पानी उतरा तो दिखा बर्बादी का मंजर
प्रदेश में 19 से 22 अगस्त के बीच मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बना था। जिसने पूरे प्रदेश को तरबतर कर दिया था। भोपाल जिले के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। विदिशा, रायसेन, गुना, राजगढ़, सागर, भिंड, सीहोर, नर्मदापुरम, जबलपुर, शाजापुर, देवास, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा आदि जिलों में भी बाढ़ ने आफत खड़ी कर दी। बारिश थमने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कई जिलों में दौरा किया और बाढ़ के हालात जाने। हालांकि, बेतवा, चंबल, पार्वती समेत अन्य नदियों में उफान है। राजगढ़ में 40 गायें बाढ़ में बह गईं।