December 10, 2022

CM के गृहक्षेत्र सीहोर में खाद खरीदने गए किसान की मौत

सीहोर- मध्य प्रदेश के किसान खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। इस बार भी रबी सीजन में अधिकांश जिलों में खाद की भयंकर किल्लत है। स्थिति ये है कि खाद के लिए अब किसानों को जान की बाजी लगानी पड़ रही है। गुना के बाद अब सीहोर में खाद खरीदने के लिए लाइन में लगे एक किसान की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक सीहोर के इछावर विधानसभा के रामाखेड़ी ग्राम निवासी वृद्ध किसान शिवनारायण सुबह से भूखे प्यासे खाद लेने के लिए ढाबला सहकारी समिति में लाइन में लगे था। घंटों लाइन खड़े रहने के बावजूद उनकी बारी नहीं आई और अंततः वे चक्कर खाकर गिर पड़े। उसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। मृतक किसान शिवनारायण की उम्र 65 वर्ष बताई जा रही है।

किसान के परिजनों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से खाद के लिए परेशान थे। दो-तीन दिन से खाद के लिए वे सुबह से ही बिना कुछ खाए पिए खाद के लिए जा रहे थे। शनिवार को जब वे खाद लेने गए तो पूरा दिन लाइन में लगे रहे। शाम करीब चार बजे जब खाद मिलने की बारी आई तो उनकी मौत हो गई।शिवनारायण मेवाड़ा के पास महज तीन एकड़ जमीन थी।

वहीं इस मामले में जब सहकारी समिति प्रबंधक शंकरलाल से पूछा गया तो उनका कहना था कि हमने यहां से उनके लिए खाद की पर्ची काट दी थी. गोडाउन में जाते समय उनकी मृत्यु हुई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने किसान की मौत पर दुख जताते हुए राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री से जानना चाहता हूं कि प्रदेश के किसानों को कब तक खाद के लिए इस तरह से परेशान किया जाएगा। एक तरफ प्रदेश में खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी हो रही है तो दूसरी तरफ किसान परेशान हो रहा है। सरकार कालाबाजारी करने वालों को संरक्षण दे रही है और किसानों की आवाज उठाने वालों पर झूठे मुकदमे लगा रही है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वह तत्काल किसानों को खाद की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं ताकि प्रदेश को इस तरह की ह्रदय विदारक घटनाएं ना देखनी पड़ें।’

बता दें कि हाल ही में गुना जिले से ऐसा ही मामला सामने आया था। जिले कुंभराज क्षेत्र के गोल्याहेड़ा ग्राम निवासी कृषक रामप्रसाद कुशवाह भी सुबह से खाद वितरण केंद्र कुंभराज पर लाइन में खड़े थे। घंटों कड़ी धूप में खड़े रहने के बावजूद उनकी बारी नहीं आई और दोपहर 2 बजे के करीब वे बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

राज्य सरकार की अनदेखी का खामियाजा किसानों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार यह दावा कर रहे हैं कि खाद की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में पर्याप्त खाद है। प्रशासनिक अधिकारी भी खाद की किल्लत को नहीं स्वीकार रहे हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत सबकुछ बयां कर रही है।