November 28, 2022

मुख्यमंत्री शिवराज के बेटे कार्तिकेय और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच राजगढ़ में हुई मुलाकात

  • राजगढ़ के ब्यावरा में चुनाव प्रचार के दौरान मिले, कार्तिकेय ने पूर्व मुख्यमंत्री से चर्चा की।
  • मध्य प्रदेश की राजनीति में धुर विरोधी दिग्विजय और शिवराज के बेटे की मुलाकात चर्चा में।

मध्यप्रदेश विधानसभा के उपचुनाव के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेता दिन-रात प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान कई दिलचस्प तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें एक-दूसरे पर अभद्र भाषा और टीका-टिप्पणियां सामने आ रही हैं। ऐसे में गुरुवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसे लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। ये तस्वीर खास इसलिए है क्योंकि ये राजनीति के दो कट्टर प्रतिद्वंदी दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की मुलाकात की है। दोनों के बीच राजगढ़ के ब्यावरा में चुनाव प्रचार के दौरान मिले।

इस दौरान कार्तिकेय सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से आशीर्वाद लिया। साथ ही उनके बेटे जयवर्धन सिंह के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। बता दें कि जयवर्धन सिंह कुछ दिन पहले ही कोरोना पॉजिटिव हो गए थे, जिसके बाद उनका इलाज चल रहा है। असल में, दिग्विजय सिंह और कार्तिकेय सिंह चौहान अपनी-अपनी पार्टियों के प्रचार के सिलसिले में विधानसभा क्षेत्रों में दौरे कर रहे हैं।

राजनीति के धुर विरोधी, व्यक्तिगत मुलाकात में भूल जाते हैं दुश्मनी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं। दिग्विजय कई बार शिवराज और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा चुके हैं, लेकिन राजनीति में उनका यह विरोध व्यक्तिगत मेल-मुलाकात के दौरान कभी नजर नहीं आता। फिर चाहे खुद सीएम शिवराज की पूर्व सीएम दिग्विजय मुलाकात हो या फिर उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की। हर बार मुलाकातों में सम्मान का भाव इनके सार्वजनिक मिलने के दौरान देखा गया है।

धीरे-धीरे पिता की विरासत को संभालने आगे आ रहे हैं कार्तिकेय

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय भले ही अभी उम्र में छोटे हों लेकिन अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए वह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। इस बार उपचुनाव में उन्होंने सांची, ब्यावरा और ग्वालियर-चंबल में कई सभाएं और लगातार दौरे कर रहे हैं। इससे पहले वह 2018 विधानसभा चुनावों में भी वह खासा सक्रिय रहे थे। कार्तिकेय अपनी सभाओं में कांग्रेस नेताओं को भी निशाने पर लेने से नहीं चूकते हैं।