November 28, 2022

भोपाल में शिक्षकों का धरना, 62 हजार पदों पर भर्ती की मांग

भोपाल- शिक्षक पात्रता उत्तीर्ण अभ्यार्थी पदों की बढ़ोतरी की मांग को लेकर मंगलवार को भोपाल के नीलम पार्क पर धरने पर बैठ गए। इन प्रदर्शनकारियों में अपनी मां के साथ नारे लगाता तीन साल का मासूम भी नजर आया। उसे प्रदर्शन का मतलब तो नहीं पता, लेकिन जब मां अन्य साथियों के साथ मांगों को लेकर नारे लगाती तो मासूम भी तोतली जुबान में कहता हमारी मांगें पूरी कलो। शिक्षक भर्ती पूरी कलो।

वह स्कूल से सीधे मां के साथ प्रदर्शन करने आ गया। यह प्रदर्शन वर्ष 2018 में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यार्थी हैं। उन्होंने आरोप लगाए कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 62 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 18 हजार पदों पर ही भर्ती हुई। उच्च एवं माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2018 को पद में बढ़ोतरी की जाना चाहिए। प्रदर्शन को नेतृत्व कर रहे रंजीत गौर ने बताया कि आज एक दिन का सांकेतिक प्रदर्शन था, अगर फिर भी मांगे नहीं मानीं गईं तो 2 अक्टूबर से प्रदेश भर में महा आंदोलन होगा। सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा न ले।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रंजीत गौर एवं रक्षा जैन सहित अन्य अभ्यर्थियों ने बताया कि स्थाई शिक्षक भर्ती पिछले 4 वर्षों से लंबित है। सरकार को द्वितीय काउंसलिंग कराते हुए शिक्षक भर्ती शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करना चाहिए। इससे पूर्व भी कई बार पात्र अभ्यर्थियों द्वारा समय-समय पर धरना प्रदर्शन किए जा चुके हैं। बीते तीन दिन से भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अनुमति नहीं मिलने से कई उम्मीदवार वापस लौट गए। प्रशासन ने जानबूझकर देरी से प्रदर्शन की अनुमति दी, ताकि प्रदर्शन को कमजोर किया जा सके। अब गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर 2022 को प्रदेश में ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदार प्रदेश सरकार होगी।

निर्णय होने के बाद भी भर्ती क्यों नहीं

रंजीत ने आरोप लगाए कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले वर्ष 24 हजार 200 एवं इस वर्ष 13 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए बजट भी पारित हो चुका है। परंतु अभी तक नाम मात्र की नियुक्तियां हुई हैं, जबकि 2018 में स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 50 प्रतिशत महिला आरक्षण के साथ 62 हजार स्थाई शिक्षक भर्ती की घोषणा की थी।

एक ही नाम दोनों सूचियों में शामिल

स्कूल शिक्षा और जनजातीय विभाग द्वारा एक साथ शिक्षक भर्ती की जा रही है। दोनों विभागों की चयन सूचियों में कई अभ्यर्थियों के नामों की पुनरावृति भी देखने को मिल रही हैं। इसमें सुधार की जाना चाहिए। इससे अन्य शेष अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का अवसर प्राप्त हो सके।

वर्ष 2019 में रिजल्ट आया था

प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षक वर्ग-1 और शिक्षक वर्ग-2 के 30 हजार से ज्यादा पदों को भरने के लिए 2018 में नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें वर्ग-1 के 19,200 पद और वर्ग-2 के 11,300 के करीब पद थे। इसके बाद 2200 पद अलग से बाद में जोड़े गए। इन पदों के लिए पात्रता परीक्षा 2019 में आयोजित की गई। उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट 28 अगस्त 2019 को आया और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट 26 अक्टूबर 2019 को आया।इसके रिजल्ट आने के बाद जनवरी 2020 से अप्रैल 2021 तक सभी चयनित शिक्षकों के सत्यापन की भी प्रक्रिया पूरी कर ली गई।