December 7, 2022

पोषण आहार घोटाले पर बोले शिवराज, क्लर्कों की गलती से गलत गाड़ी नंबर दर्ज हो गया

भोपाल- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में हुए पोषण आहार घोटाले में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की सरकार ने सफाई दी है. इस मामले में विपक्ष की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग (Vishvas Kailash Sarang) सामने आए.पोषण आहार परिवहन में हुए कथित फर्जीवाड़े के आरोप पर उन्होंने कहा कि कोई फर्जीवाडा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि लिपिकीय त्रुटि की वजह से ट्रक रजिस्ट्रेशन नंबर गलत अंकित हुए हैं. शिवराज के मंत्री ने इस मामले में कांग्रेस पर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कमलनाथ की सरकार ने पोषण आहार के साथ समझौता किया था.

क्या है पोषण आहार घोटाला

दरअसल मध्य प्रदेश के महालेखाकार (Accountant general) की एक रिपोर्ट में इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. इस रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों के लिए पोषण आहार कागजों में ट्रक से ढोया हुआ दिखाया गया है. लेकिन जांच में पाया गया कि जिन ट्रकों के नंबर बताए गए थे वो दरअसल मोटरसाइकिल, ऑटो, कार, टैंकरों के नंबर थे. वहीं लाखों की संख्या में ऐसे बच्चों को भी पोषण आहार दे दिया गया, जो स्कूल जाते ही नहीं थे. प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस घोटाले पर सरकार को घेर रही है.

शिवराज के मंत्री ने क्या सफाई दी

प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विपक्ष के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. फिर भी सरकार पूरे तथ्यों की जांच कर रही है. फाइनल रिपोर्ट आने के पहले कोई अनुमान लगाना गलत होगा. सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने पोषण आहार में गुणवत्ता से समझौता किया गया था.उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार के समय टेक होम राशन गुणवत्ता (क्वालिटी) को लेकर शिवराज सरकार ने जांच कराई ओर गुणवत्ता पूरी ना होने पर सरकार ने पहले ही रोका था साढ़े 35 करोड़ का भुगतान. उन्होंने कहा कि इस मामले में विपक्ष वेवजह आरोप लगा रहा है. उन्होंने कहा कि महालेखाकार को जबाब भेजा जाएगा.

क्लर्कों की गलती से दर्ज हुआ गलत नंबर

पोषण आहार के परिवहन में हुए फर्जीवाड़ा के आरोप पर सारंग ने कहा कि कोई फर्जीवाडा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रारम्भिक जानकारी में सामने आया है कि लिपिकीय त्रुटि की वजह से ट्रक रजिस्ट्रेशन नंबर गलत अंकित हुए हैं. वहीं महिला बाल विकास विभाग ने भी दावा किया है कि पोषण आहार मामले में प्रारंभिक जांच में नहीं पाई गई कोई गड़बड़ी. विभाग का कहना है कि गाड़ी नंबर लिखने में हुई टंकण की गलती.