December 7, 2022

एक्टिव मोड में आयकर विभाग, देशभर के 50 के करीब ठिकानों पर IT का छापा

नई दिल्ली- टैक्स चोरी और पॉलिटिकल फंडिंग के मामले में आयकर विभाग ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर के 100 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है. दिल्ली से लेकर उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों में आईटी की टीमें पहुंचीं हैं. बताया गया है कि दिल्ली के कई कारोबारी टैक्स चोरी के मामले में इनकम टैक्स के रडार पर हैं. जयपुर में भी कारोबारियों के ठिकानों पर रेड हुई हैं.

राजस्थान के मंत्री पर आईटी रेड
राजस्थान में मिड डे मील में कमाई करने वालों पर इनकम टैक्स की छापेमारी चल रही है. अशोक गहलोत सरकार में गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव और मिड डे मील कारोबारी समूह पर आयकर छापा पड़ा है. मंत्री राजेंद्र यादव की कोट पुतली में पोषाहार बनाने की फैक्ट्री है. कुल 53 जगहों पर अब तक आईटी की टीमें पहुंचीं हैं. करीब 300 से अधिक पुलिसकर्मी आयकर रेड में शामिल हैं. 100 वाहनों का भी आयकर रेड में इस्तेमाल किया जा रहा है. जयपुर जिले के कोटपुटली में भी छापेमारी की गई है. आईटी अधिकारियों ने CRPF के जवानों को भी सुरक्षा के लिए साथ लिया है. राजस्थान के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड में भी छापेमारी चल रही है.

बेंगलुरु-मुंबई में भी रेड
बेंगलुरु में भी आईटी छापेमारी की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि यहां के मनिपाल ग्रुप पर भी IT का छापा पड़ा है. बेंगलुरु में 20 से ज्यादा जगहों पर IT की तलाश जारी है, सभी पर टैक्स चोरी का आरोप है. मिड डे मिल घोटाला मामले में मुंबई में भी इनकम टैक्स की छापेमारी चल रही है. यहां IT की टीमें 4-5 जगहों पर छापेमारी कर रही हैं. IT सूत्रों ने बताया कि छापेमारी तब की जा रही है जब IT विभाग को कुछ स्पेसिफिक जानकारी मिली थी. फिलहाल IT विभाग लोकेशन डिस्क्लोज नहीं करना चाह रहा है.

चुनावी फंडिंग का क्या है मामला?
चुनाव आयोग ने जून में CBDT को एक लेटर लिखा था और इसके बाद 111 राजनीतिक पार्टियों को अमान्य घोषित किया गया था. इन पार्टियों ने फंड के नाम पर गलत तरीके से मोटी रकम इक्क्ठा की थी. इन्हीं को आधार बनाकर रेड की जा रही है. इसी साल जून में निर्वाचन आयोग में 111 ऐसी पार्टियों को रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया था. जो पंजीकृत तो थीं लेकिन अस्तित्व में नहीं थीं. उनके पते फर्जी निकले, उनके पतों पर भेजी गई डाक वापस आ गई, लेकिन ये पार्टियां अवैध तरीके से डोनेशन ले रही थीं और उसमें गड़बड़ी कर रही थीं. ऐसी पार्टियों की वित्तीय जांच करने के लिए कहा गया था. आईटी विभाग ऐसी पार्टियों के एंट्री ऑपरेटरों पर छापेमारी कर रहा है.