October 5, 2022

इंदौर सबसे स्वच्छ शहर, भोपाल सबसे स्वच्छ राजधानी, प्रधानमंत्री आज करेंगे घोषणा

  • पहली और दूसरी बार सफाई में नबंर वन का ताज दिलाने वाले वर्तमान निगम आयुक्त मनीष सिंह अब इंदौर कलेक्टर हैं।
  • शहर को तीसरी बार नंबर वन बनाने वाले निगमायुक्त आशीष सिंह वर्तमान में उज्जैन कलेक्टर हैं।

सफाई के मामले में लगातार चौथी बार इंदौर नंबर-1 बनने जा रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 लीग के तीनों क्वार्टर में भी इंदौर अव्वल रहा है। दूसरे और तीसरे क्वार्टर के रिजल्ट आज घोषित किए जाएंगे। जबकि छह हजार नंबर के स्वच्छता सर्वेक्षण में सिर्फ पहले क्वार्टर के घोषित परिणामों में इंदौर ने बाजी मारी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में परिणामों की घोषणा आज ऑनलाइन समारोह के जरिए करेंगे। 

भोपाल में वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व महापौर मालिनी गौड़, कलेक्टर मनीष सिंह, निगमायुक्त प्रतिभा पाल और पूर्व निगमायुक्त आशीष सिंह उपस्थित रहेंगे। मप्र को कुल 10 अवॉर्ड मिलेंगे। इनमें इंदौर के अलावा भोपाल, जबलपुर, बुरहानपुर, रतलाम, उज्जैन, नगर पालिका सिहोरा, नगर परिषद शाहगंज, नगर परिषद कांटाफोड़ और छावनी परिषद महू कैंट शामिल हैं।

मध्यप्रदेश के 378 शहरों ने अपना बेहतर प्रदर्शन किया

स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के घटकों में मध्यप्रदेश के 378 शहरों ने अपना बेहतर प्रदर्शन किया। इसमें शहरों में स्वच्छता, साफ-सफाई, आधारभूत संरचनाओं का निर्माण तथा उनका प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन और शहरों की स्वच्छता बनाए रखने में नागरिकों का सहयोग प्राप्त करने के प्रयास प्रमुखता से किए गए।

इन्हीं प्रयासों के परिणाम स्वरूप खुले में शौच से मुक्त राज्य का गौरव प्राप्त किया और हमारे 234 शहर ओडीएफ+ और 107 शहर ओडीएफ++ के परीक्षण में सफल हुए हैं। इसी क्रम में कचरा मुक्त शहर के मूल्यांकन में राज्य के 18 निकाय स्टार रेटिंग प्राप्त करने में सफल रहे हैं, जो देश में सर्वाधिक शहरों के मामलों में द्वितीय स्थान है। उल्लेखनीय है कि विगत तीन सर्वेक्षणों में भी मध्यप्रदेश के 20 शहर देश के सर्वश्रेष्ठ 100 शहरों में रहे हैं।

सर्वेक्षण के प्रमुख घटक, जिनके आधार पर मिले नंबर

इस सर्वेक्षण के प्रमुख घटक अपशिष्ट संग्रहण और परिवहन, प्र-संस्करण एवं निष्पादन, संवहनीय स्वच्छता और नागरिकों की सहभागिता और नवाचार आदि प्रमुख घटकों को शामिल किया गया था। इन घटकों में कुल 6000 अंकों के आधार पर भारत सरकार द्वारा अधिकृत स्वतंत्र संस्था द्वारा मैदानी मूल्यांकन तथा जनता के फीडबैक के आधार पर अंतिम परिणाम प्रकाशित किए गए हैं।